इंडियन (भारतीय) वेर्स्टन (पश्चिमी) फिलोसोपी (दर्शन) (Indian Western Philosophy) Part 27for Arunachal Pradesh PSC

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bharatiya darshan

भारतीय दर्शन

वैदिक दर्शन

वेदोत्तरदर्शन

4 वेदों में कहा गया

(वेदों के बाद का)

Vedic Niti Mimamsa

वैदिक नीति मीमांसा

परिचय

नेचुरल (प्राकृतिक) ऑफ (के) इथिक्स (आचार विचार)

आरंभिक स्वरूप

चारो वेद

प्रवृत्ति मार्ग पर बल

बुद्धिमुखी नैतिकता

सुखों पर बल

आंतरिक प्रेरणाओं से नही बल्कि अधिक बाहरी दवाबों से नैतिक कार्य करने की कोशिश

भौतिक/ऐच्छिक सुखों पर बल

introduction to vedas

वेदोत्तरदर्शन

नास्तिक

आस्तिक-हिन्दु/षटदर्शन/सनातन

वेदो को प्रमाणिक नहीं मानते है

वेदों को मानते है

चार्वाक

जैन

बौद्ध

आस्तिक

धूर्त

सुशिक्षित

श्वेतांबर

दिगंबर

हीनयान

महायानी

नव बौद्ध (अम्बेडकर दव्ारा

सांख्य (कपिल)

योग (पंतजलि)

न्याय (गौतम)

वैशेषिक (कणाद)

मीमांसा जैमीनी (जैमिनी)

वेदांत-उपनिषद, गीता, अद्धैत, वेदांत (शंकराचार्य)

नव्य वैदांत (गांधी)

वैष्णव वेदांत (रामानुज) (वल्लभ) (निवार्ण) (महत्व) (चैतन्य) (महाप्रभु)

philosophy cocnept

फिलोसॉपी (दर्शन)

ज्ञान मीमांसा

तत्व मीमांसा

नीति मीमांसा

ज्ञान क्या है? (सत्य ज्ञान)

स्त्रोत प्रमाण

ज्ञान की प्रमाणिकता का प्रमाण

ज्ञान मीमांसा पर टीकी है। वास्तविकता की व्याख्या

सत्ता

व्यक्ति के जीवन का लक्ष्य क्या है।

साधन

है,

नही है

निरपेक्ष (अंतिम) लक्ष्य

सापेक्ष (तात्कालिक)

निरपेक्ष के साधन

सापेक्ष के साधन

सत्ता का स्वरूप

ईश्वर मीमांसा

जगत सृष्टि

आत्मा चेतना