मेक इन इंडिया (बनाना/भीतर/भारत): अक्षय ऊर्जा (Make in: Renewable Energy-Ecology)

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सुर्ख़ियों में क्यों?

• मेक इन इंडिया सप्ताह के दौरान अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए अक्षय ऊर्जा संगोष्ठी आयोजित की गयी थी।

• हाल ही में ब्रिक्स के न्यू (नया) डेवलपमेंट (विकास) बैंक (अधिकोष) के अध्यक्ष केवी कामत ने घोषणा की कि न्यू डेवलपमेंट बैंक की अधिकांश प्रारंभिक परियोजनायें, संख्या और मूल्य दोनों में, हरित (पर्यावरण के अनुकूल) होंगी। बैंक इस साल करीब एक दर्जन से अधिक ऐसी परियोजनाओं का वित्त पोषण करेगा।

निवेश करने का कारण

• भारत 271 गीगावॉट की बिजली उत्पादन क्षमता के साथ दुनिया भर में पांचवां सबसे बड़ा बिजली उत्पादक देश हैं।

• आर्थिक विकास, बढ़ती समृद्धि, शहरीकरण की बढ़ती दर और प्रति व्यक्ति ऊर्जा की खपत में बढ़ोत्तरी से देश में ऊर्जा का उपयोग बढ़ गया है।

• पवन ऊर्जा भारत में अक्षय ऊर्जा का सबसे बढ़ा स्रोत है।

• जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन (दुतमंडल) का उद्देश्य वर्ष 2022 तक सौर ऊर्जा से 100000 मेगावाट बिजली पैदा करना है।

• भारत ने वर्ष 2015 के बजट में घोषणा की कि वर्ष 2022 तक 175 गीगावॉट क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य है। एक साल में भारत की कुल स्थापित क्षमता करीब 28 गीगावॉट है।

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