1857 का विद्रोह (Revolt of 1857) for Arunachal Pradesh PSC Part 10 for Arunachal Pradesh PSC

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प्रमुख विचार

  • एक पूर्णतया देशभक्ति रहित और स्वार्थी सैनिक विद्रोह था जिसमें न कोई स्थानीय नेतृत्व था और न ही इसे सर्वसाधारण का समर्थन प्राप्त था।

-सीले

  • यह विद्रोह एक आकस्मिक प्रेरणा नहीं था अपितु एक सचेत संयोग का परिणाम था और वह एक सुनियोजित और सुसंगठित प्रयत्नों का परिणाम था जो अवसर की प्रतीक्षा में थे.....साम्राज्य का उत्थान और पतन में चर्बी वाले कारतूसों के मामले नहीं होते।

-डिजिरेली

  • यह तथाकथित प्रथम राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम, न तो यह प्रथम न ही राष्ट्रीय तथा न ही स्वतंत्रता संग्राम था

-आर. सी. मजूमदार

  • एक तानाशाही शक्ति को अंत में तलवार की शक्ति से ही राज करना पड़ता है, चाहे वह उसे मखमल की म्यान में ही क्यों न रखे।

-एस एन सेन

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