भाग-8 नागरिकता-नीति निदेशक तत्व-अनुच्छेद (36 − 40) (Part-8 Citizenship: Directive Principles of state Policy-Article 36 − 40) for Arunachal Pradesh PSC

Glide to success with Doorsteptutor material for competitive exams : get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of your exam.

नीति निदेशक तत्व- Directive Principles of State Policy भाग-4 अनुच्छेद (36-40) Part-4 Article (36-40)

नीति निदेशक तत्वों का वर्गीकरण-

  • सामान्य जनता को आर्थिक न्याय उपलब्ध कराने वाल निदेशक तत्व।

  • सामान्य जनता को सामाजिक न्याय उपलब्ध कराने वाले निदेशक तत्व।

  • राजनीतिक तथा पर्यावरण संबंधी निदेशक तत्व।

  • अंतरराष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा संबंधित नीति निदेशक तत्व।

अनु. 36 -राज्य के नीति निदेशक तत्व की परिभाषा

अनु. 37-यह न्यायालय के दव्ारा परिवर्तनीय नहीं है किन्तु देश के शासन में मूलभूत है, अत: नीति बनाते समय इन तत्वों को लागू करना राज्य का कर्तव्य है।

अनु. 38-

  • राज्य एक ऐसी सामाजिक व्यवस्था बनाये जिससे लोक कल्याण में वृद्धि हो सके।

  • राज्य आय की असमानता समाप्त करने का प्रयास करे तथा अवसर की असमानता समाप्त करने की व्यवस्था।

अनु. 39

(अ) स्त्री-पुरुष कर्म कारो को जीविकोपार्जन के साधन प्रदान करना।

Narega

छंतमहं

Loading image

बेरोजगारी भत्ते का कोई उल्लेख नहीं है।

(ब) समुदाय के भौतिक संसाधनों का स्वामित्व एवं नियंत्रण इस प्रकार से हो जिससे सर्वसाधारण का हित हो सके।

Zamindari

Zamindari

Loading image

(स) आर्थिक व्यवस्था का नियंत्रण एवं संचालन इस प्रकार किया जाए जिससे धन एवं उत्पादन के साधन का सर्वधारण के लिए अहितकारी संकेन्द्रण न हो सके।

Nationalization of banks

Nationalization of Banks

Loading image

(द) स्त्री-पुुरुष कर्मकारों को सम्मान कार्य के लिए समान वेतन प्रदान करना।

प्रश्न:- कौन से नीतिनिदेशक तत्व है जिन्हें मूल अधिकारों पर वरीयता दी गयी है-

उत्तर:- अनुच्छेद 39 (ब), (स)

अनु. 39 (अ):- समान न्याय एवं नि:शुल्क विधिक सहायता

अनु. 40- ग्राम पंचायतों का गठन-

  • सामूदायिक विकास कार्यक्रम- 2 अक्टूबर 1952 : असफल

  • राष्ट्रीय प्रसार सेवा-2 अक्टूबर 1953 : असफल

  • सामुदायिक विकास कार्यक्रम के असफल होने के कारणों की जांच करने के लिए बलवन्त राय मेहता समिति 1957 बनाया गया।

  • जनता को हर स्तर पर शामिल करने की धारणा ही सहभागीमूलक लोकतंत्र कहलाया।