जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह (Jawaharlal Nehru Port) Part 1for Chhattisgarh PSC

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  • जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह कन्टेनरों (पात्र) पर लॉजिस्टिक्स (संभार-तंत्र) डेटा (आंकड़ा) टैगिंग (दाम) कार्यान्वित करने वाला देश का पहला बंदरगाह बन गया है।

  • इससे आयातकों एवं निर्यातकों को लॉजिस्टिक्स डेटा (आंकड़ा) बैंक (अधिकोष) सर्विस (कार्य) के माध्यम से अपने माल की ट्रैकिंग (नज़र रखना) करने में सहायता मिलेगी।

  • आरएफआईडी (रेडियो (आकाशवाण) फ्रीकवेंसी (बारंबारता) आईडंटीफिकेशन (पहचान) टैग (उपनाम देना) )टैग प्रत्येक कंटेनर (पात्र) से जुड़ा होगा जो अलग-अलग स्थानों पर आरएफआईडी रीडर पाठक के माध्यम से ट्रैक (धावन पथ) किया जाएगा।

आरएफआईडी:

  • रेडियो फ्रीकवेंसी आईडंटीफिकेशन विद्युत चुम्बिकीय क्षेत्र का इस्तेमाल करता है तथा अपने आप ही किसी भी पदार्थ से जुड़े टैग को पहचान का चिन्हित कर देता है।

  • टैग में इलेक्ट्रॉनिक (विद्युतीय) रूप से भंडारित सूचनाएं होती हैं। पैसिव (निष्क्रिय) टैग (उपनाम देना) आस-पास के आरएफआईडी की इन्टेरोगेटिव (प्रश्नवाचक) रेडियो (आकाशवाणी) वेव्स (तरंग) से ऊर्जा प्राप्त करता है।

सागर पूर्वी

  • भारतीय तटीय जलों में समुद्री मानदंडों के अध्ययन के लिए भारत सरकार ने तटीय अनुसंधान पोत सीआरवी की तैनाती की है।

  • सीआरवी को भू-विज्ञान मंत्रालय के विभिन्न कार्यक्रमों को लागू करने के लिए तैनात किया गया है जैसे-

  • समुद्री प्रदूषण के स्तर की निगरानी।

  • प्रवाल भित्तियों सहित तटीय संसाधनों के प्रबंधन एवं संरक्षण के लिए।

  • एकीकृत तटीय एवं सागरीय क्षेत्र प्रबंधन प्रणाली आईसीएम

  • भारत के अनन्य आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) का सर्वेक्षण।

रो (पद/लगातार) पैक्स (शांति) फेरी (पार) सर्विस (सेवा)

  • सगरमाला कार्यक्रम के अधीन, देश में तटीय जहाजरानी को बढ़ावा देने के एक भाग के रूप में नौवहन मंत्रालय ने गुजरात की खंभात की खाड़ी में अवस्थित गोघा एवं दाहेज के बीच रो पैक्स फेरी सर्विस (कार्य) के लिए ड्रेजिंग (तलकर्षण) प्रोजेक्ट (परियोजना) को मंजूरी प्रदान की हैं।

  • यह भारत की पहली ऐसी परियोजना है जो विश्व की दूसरी सर्वाधिक ज्वारीय सीमा के क्षेत्र में अवस्थित है।

  • यह योजना नर्मदा नदी के माध्यम से अंतर्देशीय जलमार्गों को उपयोगी बनाएगी तथा अपस्ट्रीम (नदी के ऊपर) उद्योगों को लाभ पहुंचाएगी।

पारादीप औद्योगिक बंदरगाह शहर

  • पारादीप को विश्व स्तरीय स्मार्ट (शीघ्र) इंडस्ट्रियल (औद्योगिक) पोर्ट (बंदरगाह) सिटी (शहर) के रूप में विकसित किया जा रहा है।

  • इसे स्मार्ट पोर्ट सिटी के रूप में विकसित किये जाने के पीछे निम्न तर्क हैं-

  • पारादीप पहले से ही प्रमुख बंदरगाह है।

  • इस क्षेत्र में समृद्ध खनिज संसाधन उपस्थित हैं।

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