Science and Technology MCQs in Hindi Part 9 with Answers

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1 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ गेहूँ की फसल के लिये नाइट्रोजन सर्वाधिक आवश्यक तत्त्व है।

  • नाइट्रोजन की कमी से पत्तियाँ पीली पड़ जाती हैं।
  • बोरॉन पौधों में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने में सहायक है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं।

अ) केवल 1

ब) केवल 2 और 3

स) केवल 1 और 3

द) 1,2 और 3

उत्तर: (द)

व्याख्या: उपर्युक्त तीनों कथन सही हैं।

  • गेहूँ की फसल के लिये नाइट्रोजन सर्वाधिक आवश्यक तत्त्व है। इसकी कमी से पत्त्यािँ पीली पड़ जाती हैं।
  • बोरॉन पौधों में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने में सहायक है।

2 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ अत्यधिक नाइट्रोजन युक्त उर्वरक के प्रयोग से मिट्‌टी की अम्लीयता बढ़ जाती हैं।

  • सल्फर (गंधक) जड़ों के विकास के लिये आवश्यक है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

अ) केवल 1

ब) केवल 2

स) 1 और 2 दोनों

द) न तो 1 और न ही 2

उत्तर: अ

व्याख्या:

  • अत्यधिक नाइट्रोजन युक्त उर्वरक के प्रयोग से मिट्‌टी की अम्लीयता बढ़ जाती हैं। अत: कथन 1 सही है। उल्लेखनीय है कि पौधे नाइट्रोजन की आपूर्ति सामान्यतया वायु तथा जल में घुलनशील नाइट्रेट से करते हैं।
  • बोरॉन तत्त्व जड़ों के विकास के लिये आवश्यक है। यह एक सूक्ष्म पोषक तत्त्व है जिसके प्रयोग से पौधों में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। अत: कथन 2 गलत है।

3 निम्नलिखित गैसों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ कार्बन-डाइऑक्साइड

  • द्रव अमोनिया
  • क्लोरीन
  • फास्फोरस

उपर्युक्त में से किन गैसों का उपयोग बड़े पैमाने पर यूरिया उर्वरक के उत्पादन के लिये किया जाता है?

अ) केवल 1 और 2

ब) केवल 2 और 3

स) केवल 2,3 और 4

द) 1,2, 3 और 4

उत्तर: (अ)

व्याख्या: यूरिया एक कार्बनिक यौगिक है। इसे कार्बामाइड भी कहा जाता है। यह जल में घुलशील है तथा बड़े पैमाने पर यूरिया का उत्पादन करने के लिये कार्बन-डाइऑक्साइड तथा द्रव अमोनिया का प्रयोग किया जाता है।

4 विभिन्न जैव ऊर्वरकों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ एजोटोबैक्टर तथा एजोस्पाइरिलम जीवाणु खाद के प्रयोग से एंटीबायोटिक पदार्थों का निर्माण होता है जिससे पौधे की रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ती है।

  • इजोबियम जीवाणु के प्रयोग से पौधे हेतु जल की उपलब्धता बढ़ती है।
  • नील हरित जैव उर्वरक से वृद्धि नियंत्रक, विटामिन-बी-12 अमीनों अम्ल भी स्रावित करते हैं जिससे पौधों में अच्छी वृद्धि के साथ-साथ दानों की गुणवत्ता भी बढ़ती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं।

अ) केवल 1

ब) केवल 2 और 3

स) केवल 1 और 3

द) 1,2 और 3

उत्तर: (द)

  • एजोटोबैक्टर तथा एजोस्पाइरिलम जीवाणु खाद के प्रयोग से इन जैव उर्वरकों के जीवाणु एंटीबायोटिक (प्रतिजैविक) पदार्थों का निर्माण करते है जिससे पौधे की रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ती है। तथा फसल का बीमारियों से बचाव होता है। एजोटोबैक्टर खाद कुछ वृद्धि कारक हारमोन्स (जैसे-जिब्रालिक एसिड) तथा विटामिन्स (जैसे बी) का उत्सर्जन करते हैं जिससे पौधों के विकास में सहायता मिलती है। इसके प्रयोग करने अंकुरण शीघ्र और स्वस्थ होता है तथा जड़ों का विकास अधिक एवं शीघ्र होता है। ऐसे जैवे उर्वरकों का प्रयोग करने से जड़ों एवं तनों का अधिक विकास होता है जिससे पौधे में तेज़ हवा, अधिक वर्षा एवं सूखे की स्थिति को सहने की क्षमता बढ़ जाती है।
  • राइजोबियम जीवाणु के प्रयोग से पौधे हेतु जल की उपलब्धता बढ़ती है तथा वृद्धि वर्धक (साइर्टोकानिन) हार्मोंन्स भी पौधों को उपलब्ध होते हैं।
  • नील हरित जैव उर्वरक से वृद्धि नियंत्रक, विटामिन-बी-12 अमीनों अम्ल भी स्रावित करते हैं जिससे पौधों में अच्छी वृद्धि के साथ-साथ दानों की गुणवत्ता भी बढ़ती है साथ ही इसके प्रयोग से धान के उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि भी होती है।

5 जैव उर्वरक के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिये:

Table of Organic Fertilizer
जैव उर्वरककार्य
एजोटोबैक्टर तथा एजोस्प्रीलमनाइट्रोजन का स्थिरीकरण
ट्राईकोडर्मा तथा लिग्नेटिकफास्फोरस को घोलने में सहायक

डपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?

अ) केवल 1

ब) केवल 2

स) 1 और 2 दोनों

द) न तो 1 और न ही 2

उत्तर: (अ)

व्याख्या: एजोला, एजोटोबैक्टर, एसेटोबैक्टर तथा एजोस्प्रीलम आदि नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करने वाले जैव उर्वरक हैं। अत: युग्म 1 सही है। बैसिलस स्यूडोमोनास तथा एजोस्प्रीलम फास्फोरस को घोलने में सहायक जैव उर्वरक हैं। अत: युग्म 2 गलत है।

6 सरकार दव्ारा शुरू किये गए ‘केंचुआ खाद’ कार्यक्रम की उपयोगिता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ इससे भूमि की उर्वरता बढ़ेगी

  • भूमिगत जल में बढ़ोतरी होगी तथा मिट्टी का कटाव रुकेगा।
  • भूमि में पाए जाने वाले लाभदायक सूक्ष्म जीवाणुओं की संख्या बढ़ेगी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं।

अ) केवल 1

ब) केवल 2 और 3

स) केवल 1 और 3

द) 1,2 और 3

उत्तर: (द)

व्याख्या: उपर्युक्त तीनों कथन सही हैं।

  • सरकार दव्ारा शुरू किये गए ‘केंचुआ खाद’ कार्यक्रम से भूमि की उर्वरता बढ़ेगी।
  • भूमिगत जल में बढ़ोतरी होगी तथा मिट्टी का कटाव रुकेगा।
  • भूमि में पाए जाने वाले लाभदायक सूक्ष्म जीवाणुओं की संख्या बढ़ेगी। इसके अतिरिक्त उत्पादन में आई स्थिरता को समाप्त कर उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है। मिट्‌टी की जलधारण क्षमता में वृद्धि होगी।

7 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ यूरिया की अधिकता से फसल में नमी की मात्रा बढ़ जाती है जिससे पौधों में रोग तथा कीट उगने की संभावना रहती है।

  • नीम कोटेड यूरिया के प्रयोग से नाइट्रोजन अधिक समय तक मृदा में रहती है जिससे पौधें लंबे समय तक इसे ग्रहण कर सकते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं।

अ) केवल 1

ब) केवल 2

स) 1 और 2 दोनों

द) न तो 1 और न ही 2

उत्तर: (स)

व्याख्या: उपर्युक्त दोनों कथन सही हैं।

  • यूरिया की अधिकता से फसल में नमी की मात्रा बढ़ जाती है जिससे पौधों में रोग तथा कीट उगने की संभावना रहती है।
  • यूरिया के जलीयकरण तथा नाइट्रीकरण दव्ारा यूरिया की क्षति की समस्या के समाधान के लिये नीम कोटेड यूरिया के प्रयोग पर बल दिया जाता है, इससे नाइट्रीकरण की गति मंद हो जाती है तथा नाइट्रोजन अधिक समय तक मृदा में रहती है जिससे पौधे लंबे समय तक इसे ग्रहण कर सकते हैं।

8 राइजोबियम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में कौन-सा सही नहीं है?

अ) इससे रासायनिक नाइट्रोजन की बचत होती है।

ब) फसल उपज में वृद्धि होती है।

स) ये कुछ हार्मोनों का निर्माण करते हैं।

द) इस उर्वरक के जीवाणु बीमारी फैलाने वाले रोगाणुओं का दमन करते हैं।

उत्तर: (द)

व्याख्या: एजोटोबैक्टर तथा एजोस्प्रीलम जैव उर्वरक के जीवाणु बीमारी फैलाने वाले रोगाणुओं का दमन करते हैं। जिससे फसलों का बीमारियों से बचाव होता है तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। अत: कथन (द) गलत है। राइजोबियम के संदर्भ में अन्य सभी कथन सही हैं।

9 निम्नलिखित में से कौन-सी बैक्टीरिया (जीवाणु) की प्रजाति पौधों की वृद्धि को प्रोत्साहित करती है?

अ) एजोला

ब) लिग्नेलिटिक

स) स्यूडोमोनास

द) एस्परजिलस

उत्तर: (स)

व्याख्या: स्यूडोमोनास बैक्टीरिया पौधों की वृद्धि को प्रोत्साहित करता है।

10 निम्नलिखित पर विचार कीजिये:

ढवस बसेेंत्रष्कमबपउंसष्झढसपझ एजोला

  • अल्फाल्फा
  • नील हरित शैवाल
  • ऐसेटोबैक्टर

उपर्युक्त में से किस/किन का प्रयोग जैव उर्वरक के रूप में किया जाता है?

अ) केवल 1

ब) केवल 2 और 3

स) केवल 1,3 और 4

द) 1,2 और 3

उत्तर: (द)

व्याख्या: एजोला, ऐसेटोबैक्टर तथा नील हरित शैवाल का प्रयोग जैव उर्वरक के रूप में किया जाता है, जबकि अल्फाल्फा एक फलीदार पौधा है।

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