पीएमएफबीवाई की समीक्षा (PMFBY Review) for Maharashtra PSC Exam

Get top class preparation for CTET-Hindi/Paper-1 right from your home: get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of CTET-Hindi/Paper-1.

सुर्ख़ियों में क्यों?

सरकार ने प्रकृति के प्रकोप से किसानों को कुछ राहत प्रदान करने के उद्देश्य से फरवरी 2016 में प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना का शुभारंभ किया। हाल ही में इसके प्रदर्शन की समीक्षा की गई।

पृष्ठभूमि

  • पीएमएफबीवाई के शुभारंभ से पहले राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (एनएआईएस) एवं संशोधित एनएआईएस योजनाएं किसानों की सहायता कर रही थी।
  • हालांकि, ये योजनाएं किसानों की अपरिहार्य आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर पा रही थीं।
  • इन योजनाओं के तहत बीमा राशि अपर्याप्त थी। इसके अतिरिक्त, किसानाेें को मुआवजे मिलने में भी कई महीने लग गए।

पीएमएफबीवाई कैसे काम करता है?

  • प्रत्येक जिले में एक तकनीकी समिति किसानों दव्ारा वहन की गयी संपूर्ण लागत को ध्यान में रखते हुए बीमा की राशि को निर्धारित करती है।
  • प्रीमियम (लाभ) का निर्धारण गणितीय एवं सांख्यिकीय गणनाओं के माध्यम से संलग्न जोखिम के आकलन अर्थात बीमांकिकी विश्लेषण दव्ारा किया जाता है। इसके अतिरिक्त, प्रीमियम पर ऊपरी सीमा भी निर्धारित की गयी है।
  • सार्वजनिक और निजी दोनों बीमा कंपनियां (संघ) एक साथ प्रीमियम तय करती हैं। तत्प्रश्चात प्रीमियम पर सब्सिडी (सरकारी सहायता) प्रदान की जाती है।
  • किसान को खरीफ की फसल के लिए 2 प्रतिशत, रबी की फसल के लिए 1.5 प्रतिशत एवं वार्षिक वाणिज्यिक फसलों के लिए 5 प्रतिशत का भुगतान करना पड़ता है। शेष राशि का भुगतान सरकार (केन्द्र और राज्यों के बीच समान रूप से विभाजित) दव्ारा किया जाता है।
  • परिशुद्धता, पारदर्शिता एवं क्षति के त्वरित आकलन तथा दावो का निपटान करने के लिए स्मार्फफोन, जीपीएस, ड्रोन (परजीवी) और उपग्रहों सहित उच्च प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जाएगा।

पीएमएफबीवाई का अब तक का प्रदर्शन

  • पीएमएफबीवाई ने एनएआईएस एवं एमएनएआईएस के तहत संयुक्त रूप से खरीफ 2013 में 12.1 करोड़ में से केवल 2.54 करोड़ तथा खरीफ 2015 में केवल 3.55 करोड़ किसानों का बीमा किया।
  • पीएमएफबीवाई के तहत बीमित क्षेत्र, खरीफ 2013 के 16.5 मिलियन (दस लाख) हेक्टयेर तथा खरीफ 2015 के 27.2 मिलियन (दस लाख) हेक्टयेर से बढ़कर 37.5 मिलियन हेक्टयेर हो गया है।

Developed by: