महत्वपूर्ण राजनीतिक दर्शन Part-16: Important Political Philosophies for Maharashtra PSC Examfor Maharashtra PSC Exam

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भारतीय समाजवाद की सामान्य विशेषताएँ

यदि भारत के सभी समाजवादी विचारकों की तुलना करें तो हम पाएंगे कि कुछ बिन्दुओं पर आपसी विरोध के बावजूद उनमें कई बिन्दुओं पर मतैक्य है। एक वर्ग के रूप में भारतीय समाजवाद के कुछ लक्षणों की पहचान की जा सकती है और पश्चिम के समाजवाद से उसके अंतरों को भी रेखांकित किया जा सकता है।

भारतीय समाजवाद की कुछ प्रमुख विशेषताएंँ निम्नलिखित हैं। थोड़े बहुत अंतरों के साथ ये विशेषताएँं सभी चिंतकों में दिख जाती हैं-

  • भारतीय समाजवाद पूरी तरह भौतिकवादी विचारधारा पर आधारित नहीं रहा है, इसमें आध्यात्मिक तत्व भी शामिल रहे हैं।
  • भारतीय समाजवाद में औद्योगिक प्रणाली पर अधिक बल नहीं दिया गया है। इसमें कृषि अर्थव्यवस्था पर अधिक बल है। कहीं-कहीं तो औद्योगिकरण का विरोध भी किया गया है।
  • इसमें हिंसक क्रांति का समर्थन नहीं किया गया है, वर्ग-सहयोग की धारणा केन्द्र में रखी गई है। जहाँ वर्ग संघर्ष की बात की गई है, वहां भी हिंसक संघर्ष स्वीकार नहीं किया गया है।
  • इसमें सिर्फ पूंजीवाद का विरोध नहीं किया गया है बल्कि साम्राज्यवाद का भी विरोध किया गया है। इसका बड़ा कारण यह है कि भारत पर पूंजीवाद से बड़ा हमला साम्राज्यवाद की ओर से हुआ था।
  • इसमें राज्य की तानाशाही का पूर्ण विरोध किया गया है। लोकतांत्रिक माध्यमों को स्वीकार करने के प्रति इन चिंतकों में आम सहमति दिखाई पड़ती है।
  • राज्य की सत्ता के विकेन्द्रीकरण का समर्थन प्राय: सभी चिंतकों दव्ारा किया गया है।

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