आय घोषणा योजना (Income Declaration Plan-Economy)

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सुर्ख़ियों में क्यों?

• 2016 के बजट सत्र में पारित वित्त अधिनियम 2016 में आय घोषणा योजना का उल्लेख किया गया। यह योजना सभी व्यक्तियों को अपनी अघोषित आय घोषित करने का अवसर देती है।

• इस योजना में अघोषित आय की घोषणा हेतु 1 जून से 30 सितंबर 2016 तक तथा इस हेतु पेनाल्टी के भुगतान के लिए 30 नवंबर तक का समय निश्चित किया गया है।

योजना की मुख्य विशेषताएँ

• अघोषित आय पर 30 प्रतिशत की दर से कर लगाया जाएगा, इस कर पर 25 प्रतिशत की दर से कृषि कल्याण उपकर और 25 प्रतिशत की दर से अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा। इस प्रकार कुल मिलाकर 45 प्रतिशत (30प्रतिशत + 30प्रतिशत का (25 + 25) प्रतिशत) की दर से कर जमा करना होगा।

• यह योजना 2015 - 16 या उससे पहले के अघोषित निवेश या संपत्ति पर लागू होगी।

• निवेश के मामले में अघोषित आय की गणना 1 जून 2016 को उचित बाजार मूल्य के आधार पर की जाएगी।

योजना के तहत उपलब्ध संरक्षण

• घोषणाकर्ता को आयकर अधिनियम, संपत्ति कर अधिनियम और बेनामी संव्यवहार अधिनियम के तहत अभियोजन से उन्मुक्ति दी गयी है।

• हालांकि, विदेशी संपत्ति या काला धन अधिनियम 2015 के अंतर्गत आने वाली आय इस योजना के तहत घोषणा के लिए पात्र नहीं है।

• भ्रष्टाचार के माध्यम से हासिल अघोषित आय भी योजना के तहत घोषणा के लिए पात्र नहीं है।

आलोचनात्मक विश्लेषण

यदि यह योजना सफल रहती है तो यह सरकार के लिए राजस्व का एक बड़ा स्रोत हो सकती है, क्योंकि हाल की एक रिपोर्ट (विवरण) के अनुसार केवल 1प्रतिशत जनसंख्या ही कर भुगतान करती है। हालांकि निम्न कारणों से इस योजना की सफलता मेें सेदंह है-

• उत्पाद शुल्क अधिनियम, सेवा कर अधिनियम आदि जैसे अन्य काूननों के तहत जांच का डर।

• 45 प्रतिशत की बहुत अधिक कर की दर।

• निवेश मूल्य की गणना 1 जून 2016 को उचित बाजार मूल्य के आधार पर करने से यह निवेश के मूल मूल्य से अधिक हो सकती है।

• आस्तियों पर भविष्य में पूंजीगत अधिलाभ कर लगेगा।

• फेमा और काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपित्त) कर अधिनियम 2015 के तहत अघोषित आय के लिए कोई भी संरक्षण नहीं दिया गया हैं।

इसलिए इस योजना की सफलता के लिए, अन्य काूननों के तहत अभियोजन और उत्पीड़न से व्यापक संरक्षण की आवश्यकता है।

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