‘एल्डरली इन इंडिया 2016’ -सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की रिपोर्ट (Elderly In India 2016' Statistics And Programs of Kriyanvayan Mantralaya)

Glide to success with Doorsteptutor material for competitive exams : get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of your exam.

Download PDF of This Page (Size: 148K)

सारांश

• बुजुर्ग आबादी की हिस्सेदारी और आकार दोनों समय के साथ बढ़ते जा रहे हैं यह अनुपात 1961 में 5.6 प्रतिशत से बढ़कर 2011 में 8.6 प्रतिशत तक पहुँच गया था।

• ग्रामीण शहरी:

• बुजुर्ग आबादी का 71 प्रतिशत गाँवों में रहता है जबकि 29 प्रतिशत शहरों में रहता है।

• ग्रामीण क्षेत्र में बुजुर्ग पुरुषों का 66 प्रतिशत और बुजुर्ग महिलाओं का 28 प्रतिशत कार्यरत है जबकि शहरी क्षेत्रों में बुजुर्ग पुरुषों का केवल 46 प्रतिशत एवं बुजुर्ग महिलाओं का लगभग 11 प्रतिशत भाग कार्यरत है।

रोग संवेदनशीलता/विकलांगता:

• बुजुर्ग आबादी में हृदय रोगों का प्रसार ग्रामीण भागों की तुलना में शहरी क्षेत्रों में काफी ज्यादा था।

• बुजुर्ग पुरुषों में मूत्र संबंधी समस्या अधिक थी जबकि बुजुर्ग महिलाएं जोड़ों की समस्या से अधिक ग्रस्त थीं।

• जनगणना 2011 के अनुसार बुजुर्ग लोगों में सर्वाधिक आम विकलांगता चलने फिरने संबंधी एवं दृष्टि संबंधित थी।

• बुजुर्ग लोगों के बीच लिंग अनुपात 2011 में 1033 था।

• पूरे भारत के लिए वृद्धावस्था निर्भरता अनुपात 1961 में 10.9 प्रतिशत से बढ़कर 2011 में 14.2 प्रतिशत हो गया।

• जन्म के समय जीवन प्रत्याशा 2009-13 के दौरान पुरुषों के लिए 65.8 साल थी जबकि महिलाओं के लिए 69.3 साल थी।

• बुजुर्ग व्यक्तियों में साक्षरता का प्रतिशत 1991 में 27 प्रतिशत से बढ़कर 2011 में 44 प्रतिशत हो गया। बुजुर्ग महिलाओं में साक्षरता दर (28 प्रतिशत) बुजुर्ग पुरुषों की साक्षरता दर (59 प्रतिशत) के आधे से भी कम हैं।

Developed by: