Democratic Change in Myanmar in International Relations in Hindi

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50 वर्षो बाद पहली बार एक असैनिक राष्ट्रपति के रूप में हेतन क्यों ने म्यांमार के राष्ट्रपति पद की शपथ ली है।

• ह्तिन क्यॉ की सरकार, 1962 में सेना दव्ारा सत्ता अधिग्रहण के पश्चात्‌ सर्वाधिक लोकतांत्रिक सरकार होगी।

• सुश्री ‘सू की’ की नेशनल (राष्ट्रीय) लीग (संगठन) फॉर (के लिये) डेमोक्रेसी (प्रजातंत्र) (एनएलडी) ने सांसद की 77 प्रतिशत निर्वाचित सीटें जीती। किन्तु एक संवैधानिक प्रावधान के अनुसार उन्हें सरकार का नेतृत्व नहीं प्रदान किया जा सकता, क्योंकि उनके बेटे ब्रिटिश नागरिक हैं न कि म्यांमार के नागरिक।

• यूनियन (संयोग) सोल्डर्टी () एंड (और) डवलपमेंट (विस्तार) पार्टी (यूएसडीपी) , जिसमें सैन्य और और सिविल (नगर) सेवकों का प्रभूत्व है, एनएलडी की सबसे बड़ी प्रतिदव्ंदव्ी होगी।

• 2008 के संविधान के अनुसार ऊपरी और निचले सदन hluttaw (प्रतिनिधि सभा) की 25 प्रतिशत सीटों पर सेना दव्ारा मनोनयन किया जाएगा।

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