हिंद महासागर में धातुओं का अन्वेषण (Exploration of Metals In The Indian Ocean – Science And Technology)

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• केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने हिन्द महासागर में बहुधात्विक सल्फाइड से संबंधित अन्वेषण और अन्य विकासात्मक गतिविधियों को प्रारंभ करने के लिए पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और इंटरनेशनल (अंतरराष्ट्रीय) सीवेड ऑथोरिटी (आदेश देने का अधिकार) (आईएसए) के बीच 15 वर्ष के एक अनुबंध पर हस्ताक्षर करने की मंजूरी प्रदान कर दी है।

• यह अन्वेषण मुख्यत: हिन्द महासागर के केन्द्रीय और दक्षिण-पश्चिम इंटियन रिज के क्षेत्र में 10,000 वर्ग किलोमीटर के आवंटित क्षेत्र में किया जाएगा।

• इससे हिन्द महासागर में भारत की उपस्थिति में वृद्धि होगी, जहां चीन, कोरिया जैसे अन्य देश पहले से ही सक्रिय हैं।

• रिज क्षेत्र में बहुधात्विक सल्फाइडों ने दीर्घकालिक वाणिज्यिक और सामरिक मूल्यों के कारण दुनिया भर में ध्यान आकर्षित किया है।

• स्याुंक्त राष्ट्र समुद्री विधि पर अभिसमय (यूएनसीएलओएस) के तहत यह आईएसए के बाद आया जब भारत दव्ारा इन दो क्षेत्रों में बहुधात्विक सल्फाइड (पीएमएस) के अन्वेषण के लिए 15 वर्ष की योजना के साथ 10,000 वर्ग किमी क्षेत्र के आवंटन के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया।

• यह कार्यक्रम विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों और अनुसंधान प्रयोगशालाओं और संगठनों की भागीदारी के साथ पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय दव्ारा लागू किया जाएगा।

संबंधित जानकारी

इंटरनेशनल सीबेड ऑथोरिटी (आईएसए)

• इंटरनेशनल सीबेड ऑथोरिटी 1982 के (यूएनसीएलओएस और 1994 के (यूएनसीएलओएस के भाग XI के क्रियान्वयन संबंधी समझौते के तहत एक अंतरराष्ट्रीय स्वायत्त संगठन हैं।

• आईएस का मुख्यालय जमैका के किंग्सटन में है। यह 16 नवंबर 1994 को 1982 के अभिसमय के लागू होने के उपरांत अस्तित्व में आया।

• यह अंतरराष्ट्रीय समुद्र तल के क्षेत्र में, जो राष्ट्रीय अधिकार क्षेत्र की सीमा से परे महासागरों में अंतर्निहित है, सभी प्रकार के खनिजों से संबंधित गतिविधयों का व्यवस्थित, विनियमित और नियंत्रित करने के लिए स्थापित किया गया था।

बहुधात्विक पिंड (मैंगनीज पिंड)

• ये छोटे आलू के आकार होते हैं (व्यास में कुछ मिलीमीटर से दस सेंटीमीटर तक), सामग्री की गांठ लाखों वर्षों में धीमी दर से समुद्री जल और तलछट में जमा होती है और गहरे समुद्री नितल पर मुख्य रूप से पाया जाता है।

• इसमें भू अयस्क मैंगनीज (चुम्बकीय) के 35 से 55 प्रतिशत की तुलना में लगभम 24 प्रतिशत मैंगनीज होता है, इसलिए यह एक मैंगनीज स्रोत के रूप में आर्थिक रूप से व्यवहार्य नहीं है, लेकिन यह लोहा (14 प्रतिशत), तांबा (>1 प्रतिशत), निकेल (>1 प्रतिशत) और कोबाल्ट (0.25 प्रतिशत) को समाहित करता है।

• अंतिम तीन तत्व एक साथ 3 प्रतिशत तक के भार को शामिल करते हैं।

• इन धातुओं के अलावा पिंड मोलिब्डेनम, प्लेटिनम और अन्य बेस धातु कुछ मात्रा में शामिल होते हैं।

कोबाल्ट संपन्न फेरामैंगनीज क्रस्ट

• कोबाल्ट संपन्न फेरामैंगनीज क्रस्ट महत्वपूर्ण ज्वालामुखी गतिविधि के क्षेत्रों में लगभग 400-5000 मीटर के उथले गहराई में पाए जाते हैं।

• समुद्री पहाड़ी, रिज या पठारी क्षेत्रों में समुद्री जल में घुलित धातुओं के ज्वालामुखी प्रक्रिया दव्ारा अवक्षेपण के परिणामस्वरूप यह क्रस्ट अध:स्तर के कठोर चट्‌टान पर तथा वैसे स्थानों पर जहां प्रचलित धाराएं असंगठित तलछट के जमाव को रोकते है और ऐसे स्थालाकृति के ऊंचे स्तर के शीर्ष पर बड़े क्षेत्रों पर घेरते हैं, ऐसे क्रस्ट वृद्धि करते हैं।

• कई मामलों में, ऐसे निक्षेपण देशों के अनन्य आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) के भीतर भी होते हैं।

• ये पॉलीमेटालिक नोडयूल्स (बहुधात्विक ग्रंथियों) के सामान्य घटकों के समरूप हैं। पुन: कोबाल्ट क्रस्ट में निकेल एवं मैंगनीज के अलावा अपने उच्च कोबाल्ट प्रतिशतता (2 प्रतिशत तक), प्लेटिनम (0.0001 प्रतिशत) और रेयर अर्थ मैटेरियल के कारण अन्वेषण के क्षेत्र में निवेश आकेर्षित कर रहे हैं।

• इसके अलावा, क्रस्ट में महत्वपूर्ण मात्रा में निकेल, सीसा, सैरियम, मोलिब्डेनम, वनैडियम और प्लैटिनम समूह तत्वों सहित अन्य धातुओं की काफी मात्रा पायी जा सकती है।

• आईएसए ने कोबाल्ट युक्त क्रस्ट के अन्वेषण के लिए जापान, चीन और रूस के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए है।

• इन विपक्षों के लिए खनन प्रौद्योगिकी बहुधात्विक पिंड की तुलना में अधिक जटिल है।

बहुधात्विक सल्फाइड (पीएमएस)

• पीएमएस का निर्माण जलपातीय तरल पदार्थों के दव्ारा धातुओं के निक्षालन के जमाव से होता है क्योंकि यह चारों ओर से शीतल समुद्री जल से अंतक्रिया करता है या सागर नित्तल के जलपातीय छिद्र स्थलों पर होता है।

• पीएमएस आम तौर पर लौहर पाइराइट से बना होता है, लेकिन पाइराइट/मेराकासाइट, स्पेलराइट/वारटोजाइट, क्लेराकॉपीराइट, बोर्नमाइट, आइसोक्यूबोनाइट और गेलेना अलग-अलग अनुपात में होते हैं।

• तांबा और जस्ता के सबसे अधिक प्राप्त होने की संभावना है, लेकिन कुछ अन्य निक्षेप भी महत्वपूर्ण हैं :सोना (0-20 पीपीएम) और चांदी (0-1200 पीपीएम)।

• अन्त : समुद्री व्यापक बहुधात्विक सल्फाइड पदार्थ मुख्यत: पृथ्वी की प्रमुख टेक्टोनिक बेल्ट के साथ पाए जाते हैं।

• ज्ञात निक्षेप का 40 प्रतिशत पश्च चाप बेसिन में और तट के 200 समुद्री मील की दूरी के भीतर और राष्ट्रीय अनन्य आर्थिक क्षेत्र (ईईजेडएस) के क्षेत्राधिकार के भीतर अन्त:समुद्री ज्वालामुखी रिज के उथले गहराई में पाए जाते हैं।

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