यू एस ए का भूगोल (Geography of USA) Part 7 for Odisha PSC Exam

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जलवायु विशेषताएँ:-

यू. एस. ए. के जलवायु को प्रभावित करने वाले निम्न कारक हैं-

  • स्थिति एवं विस्तार- यह देश अटलांटिक से प्रशांत तक फैला हुआ है। अक्षांशीय स्थिति के अनुसार यह देश शीतोष्ण कटिबंध के अंतर्गत स्थित है, लेकिन जलवायु को प्रभावित करने वाले अन्य महत्वपूर्ण कारकों के अनिवार्य प्रभाव के कारण यहां अलग-अलग जलवायु मिलती है।
  • भूआकृतियां-देश के पूर्वी भाग में अप्लेशियन पर्वत एवं पश्चिमी भाग में रॉकी पर्वतमाला है। इन पर्वत श्रेणियां की दिशा उत्तर दक्षिण है, जिसके फलस्वरूप ध्रुवीय हवाएँ बेरोकटोक दक्षिण में काफी दूर तक आती है और जलवायु को सदे एवं शुष्क बना देती है।

पश्चिम में रॉकी पर्वत श्रेणी काफी ऊँचाई के कारण पश्चिमी आर्द्र पवनों को आगे बढ़ने से रोकती है अत: रॉकी पर्वत श्रेणी के पूर्व का विस्तृत भाग वृष्टि छाया में पड़ जाता है।

  • समुद्री धाराएँ- यू. एस. ए. के पश्चिमी तट पर 400 उत्तरी अक्षांश से उत्तरी की ओर उत्तरी प्रशांत ड्रिफर नामक उष्ण जल धारा और दक्षिण में कैलिफोर्निया ठंडी जलधारा प्रवाहित होती है। कैलिफोर्निया जलधारा के प्रभाव से मोजेव मरुस्थल बना है। इसके पूर्वी तट पर उत्तरी भाग में लेब्राडोर ठंडी जलधारा और दक्षिणी भाग में गल्फ स्ट्रीम की उष्ण जलधारा प्रवाहित होती है। फ्लोरिडा धारा जो गल्फ स्ट्रीम का एक भाग है, संसार की सबसे तीव्र गति की (129 - 131 नेशनल (राष्ट्रीय) मिल्स/डे (दिन) ) जलधारा है।

अलास्का के दक्षिणी तट पर अलास्का गर्म जलधारा के कारण यहांँ का तापमान कभी हिमांक से नीचे नहीं होता है।

  • चक्रवात-यू. एस. ए. की जलवायु पर तीन प्रकार की चक्रवातों का प्रभाव है-
  • शीतोष्ण चक्रवात-इसका प्रभाव न्यू इग्लैंड तथा सेंट लारेंस प्रदेश में पड़ता है।
  • हरिकेन-यह समुद्री एवं स्थलीय दोनो प्रकार की उष्ण चक्रवात होती है अत: इससे वर्षा भी होती है। यह भारतीय चक्रवात के समान है।
  • टारनेडो-यह स्थलीय उष्ण चक्रवात है। इससे कभी वर्षा नहीं होती। इसकी उत्पत्ति 300 -400 अक्षांशों के बीच पछुवा वायु और सन्मार्गी वायु के विचलन से उत्पन्न होता है। यह विश्व की सर्वाधिक विनाशकारी शुष्क वायु है।
  • प्रचलित पवन-सामान्य परिस्थितियों में सन्मार्गी वायु से मध्य अमेरिका में वर्षा होती है-लेकिन ग्रीष्म ऋतु में इसका खिसकाव उत्तर की ओर होता है। इसका प्रभाव फ्लोरिडा सहित संपूर्ण द. पू. यू. एस. ए. में पड़ता है तथा पूर्वी तटीय जलवायु का विकास होता है।

जाड़े की ऋतु में पछुवा पवन की पेटी दक्षिण की ओर खिसकती है, जिससे कैलिफोर्निया राज्य में भूध्यसागरीय प्रकार की जलवायु का विकास हुआ है।

  • स्थानीय पवन-इसमें तीन प्रकार की वायु प्रमुख हैं-
  • ब्लिजार्ड-यह ठंडी बर्फीली ध्रुवीय पवन है जो यू. एस. ए. के उत्तरी भाग में बहती है। 00 की समताप रेखा के नीचे यह पवन नार्दर कहलाती है।
  • शान्ता एना- यह गर्म वायु है, जो गार्ज से चलती है। इसकी विशेषता यह है कि जब यह घाटी से चलती है तो घाटी का तापमान बहुत बढ़ जाता है, जिससे नारंगी, अंगूर जैसे फसलों को यह झुलसा देती है।
  • चिनूक-यह गर्म वायु है, जो रॉकी के पूर्वी ढाल के सहारे नीचे उतरकर प्रवाहित होती है। यह राहत देने वाली वायु है, क्योंकि यह ब्लिजार्ड के प्रभाव को कम करता है। इसकी तुलना फोन से की जा सकती है।
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