चीन का भूगोल (Geography of China) Part 9 for Odisha PSC Exam

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कृषि प्रदेश-

क्रेसी महोदय ने जे. एल. तक के आधार पर चीन को नौ कृषि प्रदेशों में बाँटा है-

Nine Agricultural Region of China
  • मंचूरिया सोयाबीन का प्रदेश
  • बसंतकालीन गेहूँ का प्रदेश
  • शरदकालीन गेहूँ तथा ज्वार बाजरा का प्रदेश
  • शरदकालीन गेहूँ तथा केओलिआंग का प्रदेश
  • यांगटिसी चावल तथा गेहूँ का प्रदेश
  • सेयवान चावल का प्रदेश
  • चावल तथा चाय का प्रदेश
  • चावल की दो फसलों वाला प्रदेश
  • दक्षिणी-पश्चिमी चावल का प्रदेश

खनिज संसाधन

  • कोयला-कोयला के संचित भंडार के संदर्भ में यू. एस. ए तथा रुस पश्चात विश्व में चीन का स्थान तृतीय है। विश्व में बिटवित रुक्ष्म्ग्।डऋछ।डम्दव्र्‌ुरुक्ष्म्ग्।डऋछ।डम्दव्रुरू मिनस तथा एन्थ्रासाइट कोयले का वृहत्तम संचित भंडार उत्तर-पश्चिम में शान्सी-शेन्सी कान्सू-होनान-होपे तथा आंतरिक मंगोलिया प्रदेशों में विद्यमान है। शान्सी शेन्सी क्षेत्र में सर्वाधिक संचित-भंडार तथा उत्पादन होता है। यह यू. एस. ए को पेन्सिलवेनिया कोयला क्षेत्र के बाद विश्व की सबसे बड़ी कोयले की खान है। संपत्ति कोयले के उत्पादन में चीन का विश्व में प्रथम स्थान हैं।
  • पेट्रोलियम-विश्व में पेट्रोलियम के सुरक्षित भंडार की दृष्टि से चीन का नवमा परन्तु उत्पादन की दृष्टि से छठा स्थान है। यहाँ खनिज के तेल के उत्पादन के पाँच प्रमुख क्षेत्र हैं-
  • चियुचियान बेसिन
  • जुंगारिया बेसिन
  • यामचेन क्षेत्र (शेन्सी)
  • सैदाम बेसिन
  • जेचवान बेसिन

इसके अतिरिक्त क्वीपाउ-युन्नान प्रदेश, मंचूरिया में लियाओ और सुंगारी नदी घाटी, फुशुन क्षेत्र, ताटित्र बेसिन, तुरफान बेसिन, तिब्बत एवं क्वांगसी क्षेत्रों में भी खनिज तेल के भंडार मिले हैं।

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