बाल अधिकार (Child Rights – Act Arrangement of The Governance)

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14 से 20 नवम्बर तक विश्व में अंतरराष्ट्रीय बाल अधिकार सप्ताह (आईसीआरडब्ल्यू) का आयोजन किया गया। भारत में 20 नवंबर को बाल अधिकार दिवस मनाया जाता है। इसे पूरे विश्व में लोगों को बच्चों के अधिकारों के संबंध में जागरूक बनाने हेतु विश्व बाल दिवस (अंतरराष्ट्रीय बाल अधिकार दिवस) के रूप में भी मनाया जाता है।

बच्चों के संरक्षण और विकास के लिए सरकार दव्ारा उठाये गए कदम

बाल अधिकारों के संरक्षण हेतु राष्ट्रीय आयोग (एन.सी.पी.सी.आर.)- आयोग का अधिदेश यह सुनिश्चित करना है कि सभी कानून, नीतियाँ, कार्यक्रम, तथा प्रशासनिक व्यवस्थाएँ, भारत के संविधान के आदर्शों के अनुरूप हों। साथ ही इन्हें बाल अधिकार पर संयुक्त राष्ट्र संघ के अभिसमय में निहित बाल अधिकारों से संगत होना चाहिए।

• समेकित बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) योजना

• 0 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य दशाओं में सुधारा लाना।

• बच्चे के उपयुक्त मनोवैज्ञानिक, भौतिक तथा सामाजिक विकास की नींव डालना।

• मृत्यु अनुपात, रुग्णता, कुपोषण तथा विद्यालय छोड़ देने के मामलों में कमी लाना।

• महिला तथा बाल विकास के क्षेत्र में सामन्य सहायता राशि योजना

• समेकित बाल संरक्षण (आईसीपीएस)

• इसका लक्ष्य कठिन परिस्थितियों में बच्चों के लिए संरक्षी वातावरण निर्मित करना है।

• इस योजना में प्रभावी रणनीतियों को क्रियान्वित करने तथा उनके परिणामों की निगरानी के लिए एक बाल संरक्षण आंकड़ा प्रबंधन प्रणाली की स्थापना की जायेगी।

• किशोरी शक्ति योजना

• आरंभिक बाल्यावस्था बाल शिक्षा नीति

• बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओं पहल इत्यादि

भारत में बाल अधिकारों को संरक्षण देने के लिए किये गए संवैधानिक प्रावधान:

§ अनुच्छे 14- कानून के समक्ष समानता।

§ अनुच्छेद 15- राज्य किसी नागरिक के साथ भेद-भाव नहीं करेगा। इस अनुच्छेद में उल्लिखित कोई भी बात राज्य दव्ारा महिलाओं तथा बच्चों के लिए विशेष प्रावधान किये जाने में अवरोध उत्पन्न नहीं करेगी।

§ अनुच्छेद 21- जीवन अधिकार

§ अनुच्छेद 21ए- (आरटीई) राज्य स्वयं के कानूनों के अनुसार निर्दिष्ट तरीकों दव्ारा 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को नि‘शुल्क तथा अनवािर्य शिक्षा उपलब्ध कराएगा।

§ अनुच्छेद 23- मनुष्यों के दुर्व्यापार तथा बलात्‌ श्रम का निषेध।

§ अनुच्छेद 24- कारखानों में बच्चों की नियुक्ति का निषेध।

§ संविधान (86वाँ संशोधन) अधिनियम की अधिसुचना 13 दिसंबर 2002 को ज़ारी की गयी थी, जिसके अनुसार 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए नि:शुल्क तथा अनिवार्य शिक्षा को उनका मूल अधिकार बनाया गया।

§ अनुच्छेद 39 (ई) तथा 39 (एफ)- बाल श्रम को रोकने के लिए

§ अनुच्छेद 45-आरंभिक बाल्यावस्था में देख-भाल तथा 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों की शिक्षा के लिए प्रावधान।

§ अनुच्छेद 47-पोषण स्तर तथा जीवन यापन के मानक को ऊंचा उठाने का प्रावधान।

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