सूचना का अधिकार (Right to Information) Part 1 for Uttarakhand PSC Exam

Glide to success with Doorsteptutor material for CTET-Hindi/Paper-1 : get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of CTET-Hindi/Paper-1.

सूचना का अधिकार ′ का अर्थ

सूचना के अधिकार का अर्थ है-लोगों तक सरकारी सूचना की पहुँच। अर्थातवित रुक्ष्म्ग्।डऋछ।डम्दव्र्‌ुरुक्ष्म्ग्।डऋछ।डम्दव्रुरू नागरिकों और गैर सरकारी संगठनों की सरकारी कार्यो, निर्णयों तथा उनके निष्पादनों से संबंधित फाइलों और दस्तावेजों तक औचित्यपूर्ण स्वतंत्र पहुँच होनी चाहिए। दूसरे शब्दों में, सरकारी कार्यकलापों में खुलापन और पारदर्शिता हो। 1992 में विश्व बैंक दव्ारा जारी प्रशासन एवं विकास नामक दस्तावेज में प्रशासन के सात पहलुओं में से एक पारदर्शिता एवं सूचना भी थी।

Rights Covered in RTI

सूचना के अधिकार की आवश्यकता के कारण-

सूचना के अधिकारी की आवश्यकता का सर्वप्रमुख आधार यह है कि यह शासन प्रक्रियाओं के बारे में लोगो की जानकारी को बढ़ाकर लोगों में सशक्तीकरण लाना है। यह खुले शासन के लिए आवश्यक दशाओं का निर्माण करता है। जो लोकतंत्र की आधारशिला बनता है। सूचना का अधिकार सरकार से जनता की ओर का बढ़ता है जो लोकतांत्रिक शासन का महत्वपूर्ण आधार है। यह नागरिको को सरकार से होने वाली घटनाओं की जानकारी प्राप्त करने में समर्थ बनाता है और सरकार में निर्णय निर्धारण प्रक्रिया की गोपनीयता को हटाकर लोक नीति निर्माण और प्रशासन में वह हिस्सेदार बनाता है। इससे लोकहित में समग्र शासन की गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलती है। सूचना के अधिकार से सरकार की गुणवत्ता में एक परिवर्तन आया है और जनता तक खुली और पारदर्शी पहुँच के कारण जनता की आवश्यकताओं के प्रति जवाब ही देने होंगे और अनक्रियाशीलता सुनिश्चित हुई है। यह प्रशासन एवं जनता के बीच की दूरी को कम करता है, प्रशासनिक निर्णय निर्माण में जनहित को प्रोत्साहन प्रदान करता है एवं भ्रष्टाचार के अवसरों को घटाता है। यह प्रशासन को जनता की आवश्यकताओं के प्रति अधिक संवदेनशील बनाता है। यह लोक सेवकों के दव्ारा सत्ता के दुरुपयोग के अवसरों को भी कम करता है।

Developed by: