सूचना का अधिकार (Right to Information) Part 10 for Uttarakhand PSC

Glide to success with Doorsteptutor material for CTET-Hindi/Paper-1 : get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of CTET-Hindi/Paper-1.

Download PDF of This Page (Size: 159K)

सूचना का अधिकार कानून का उद्देश्य-

  • लोक प्राधिकारी के क्रियाकलापों में पारदर्शिता लाना और उत्तरदायित्व बढ़ाना।

  • लोक प्राधिकारियों के नियंत्रण या उसके अधीन उपलब्ध सूचना तक आम लोगों की पहुँच सुनिश्चित करना।

  • नागरिकों के सूचना का अधिकार की व्यावहारिक पद्धति स्थापित करना।

  • एक केन्द्रीय सूचना आयोग तथा राज्य सूचना आयोग का गठन करना; और

  • उनसे संबंधित या उनसे जुड़े विषयों का उपबंध करना।

स्वरूप तीन स्तरीय

  • केन्द्रीय या राज्य सूचना आयोग

  • प्रथम अपीलीय अधिकारी।

  • लोक सूचना अधिकारी।

केन्द्रीय सूचना आयोग

सूचना के अधिकार के कार्यान्वयन के लिए केन्द्रीय सूचना आयोग को लाया गया है। आयोग में एक मुख्य सूचना आयुक्त एवं सूचना आयुक्त (दस से अधिक नहीं) होते हैं। यह प्रावधान है कि मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त की नियुक्ति राष्ट्रपति दव्ारा एक समिति की सिफारिश पर की जाएगी। समिति में निम्नलिखित सदस्य शामिल होंगे-

  • प्रधानमंत्री जो समिति का अध्यक्ष होगा।

  • लोकसभा में विपक्ष का नेता

  • प्रधानमंत्री दव्ारा नामनिर्दिष्ट संघ मंत्रिमंडल का एक मंत्री।

मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त विधि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, समाज सेवा, प्रबंधन, पत्रकारिता, जनमाध्यम या प्रशासन तथा शासन का व्यापक ज्ञान और अनुभव रखने वाले जनजीवन में प्रख्यात व्यक्ति होंगे।

मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त, संसद का सदस्य या किसी राज्य या संघ राज्य क्षेत्र के विधान मंडल का सदस्य नहीं होगा या अन्य कोई लाभ का पद धारण नहीं करेगा या किसी राजनैतिक दल से सम्बद्ध नहीं होगा अथवा कोई कारोबार या वृत्ति नहीं करेगा।

केन्द्रीय सूचना आयोग का मुख्यालय दिल्ली में होगा और आयोग अपना कार्यालय केन्द्रीय सरकार के पूर्व अनुमोदन से भारत के अन्य स्थानों में भी स्थापित कर सकेगा।

पदावधि और सेवा शर्ते

मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त पांच वर्ष की अवधि या पैंसठ वर्ष की आयु तक (जो भी पहले हो) पद धारण करेगा। और पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होगा। सूचना आयुक्त मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र होगा लेकिन उसकी पदावधि सूचना आयुक्त मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में कुल मिलाकर पांच वर्ष से अधिक नहीं होगी। मुख्य सूचना आयुक्त और अन्य सूचना आयुक्त राष्ट्रपति या उनके दव्ारा आधिकृत किसी अन्य व्यक्ति के समक्ष शपथ लेते है। मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त किसी भी समय राष्ट्रपति को संबंधित अपने हस्ताक्षर सहित लेख दव्ारा अपनी पद त्याग दे सकते है। मुख्य सूचना आयुक्त के वेतन भत्ते एवं सेवा शर्तें वही होंगे जो मुख्य निर्वाचित आयुक्त के हैं। सूचना आयुक्त के वेतन भत्ते एवं सेवा शर्ते वही होंगे जो निर्वाचन आयुक्त के है। मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त के वेतन भत्ते और सेवा की अन्य शर्तों में उनकी नियुक्ति के पश्चात अलाभकारी परिवर्तन नहीं किया जाएगा।

मुख्य सूचना आयुक्त या सूचना आयुक्त को हटाया जाना-

राष्ट्रपति दव्ारा उच्चतम-न्यायालय की रिपोर्ट (विवरण) के आधार पर साबित कदाचार या असमर्थता के आधार पर मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त को पद से हटाया जा सकता है। इसके अलावा निम्नांकित परिस्थितियों में भी इन्हें राष्ट्रपति दव्ारा पद से हटाया जा सकता है-

  • दिवालिया होने पर

  • अपराध के लिए दोषसिद्ध होने पर

  • पदावधि के दौरान कहीं और वैतनिक नियोजन में लगे होने पर

  • मानसिक एवं शारीरिक रूप से अक्षम होने पर

  • भारत सरकार दव्ारा या उसकी ओर से की गयी किसी संविदा या करार से सबंद्ध होने पर।

Developed by: