ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (महान भारतीय दक्षिण अफ्रिका का संकरवर्ग का व्यक्ति) (Great Indian Bustard – Environment And Ecology)

Glide to success with Doorsteptutor material for competitive exams : get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of your exam.

Download PDF of This Page (Size: 152K)

एक एकीकृत सहकारी प्रयास के तहत पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र की राज्य सरकारों ने साथ मिलकर जल्द ही ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (महान, भारतीय, दक्षिण अफ्रिका का संकरवर्ग का व्यक्ति)

• के लिए एक कृत्रिम प्रजनन कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है।ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (महान, भारतीय, (दक्षिण अफ्रिका का संकरवर्ग का व्यक्ति)

• को IUCN की रेड (लाल) डाटा (आधार सामग्री) सूची में ”अतिसंकटग्रस्त” श्रेणी में रखा गया हैं।इस कृत्रिम प्रजनन कार्यक्रम में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (महान, भारतीय, (दक्षिण अफ्रिका का संकरवर्ग का व्यक्ति)

• कैप्टिव (कैदी) स्टॉक (भंडार) में रखे जाएंगे जहां ये अंडे देंगे। इसके दव्ारा इनकी संख्या को बढ़ाया जा सकेगा।

• इस कार्यक्रम के लिए तकनीकी विशेषज्ञता देहरादून स्थित भारतीय वन्य जीव संस्थान दव्ारा उपलब्ध कराई जाएगी जो MoEFCC के अंतर्गत एक स्वायत्तशासी संस्था है।

• यह प्रजाति भारत के साथ पाकिस्तान में भी पायी जाती है। थार का रेगिस्तान विश्व का एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जहां जीआईबी की व्यवहार्य प्रजनन आबादी पायी जाती है।

• यह राजस्थान का राज्य पक्षी है।

ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (महान, भारतीय, दक्षिण अफ्रिका का संकरवर्ग का व्यक्ति)

§ यह क्षैतिज शरीर और लंबे पैरों वाला एक बड़ा पक्षी है जो शुतुरमुर्ग की भाँति दिखाई देता है।

§ यह पक्षी उड़ने वाले सबसे भारी पक्षियों में से एक है।

§ वर्ष 2011 में इनकी संख्या केवल 250 अनुमानित की गई थी।

§ अब ये मध्य भारत, पश्चिमी भारत और पूर्वी पाकिस्तान में पाए जाते हैं।

आवास

शुष्क और अर्द्ध शुष्क घास के मैदान, कंटीली, झाड़ियों वाले खुले क्षेत्र तथा कृषि के साथ छितराई हुई लंबी घास। ये सिंचित क्षेत्रों को अपना पर्यावास नहीं बनाते हैं।

Developed by: