मेडिकल (चिकित्सा संबंधी) काउंसिल (परिषद) ऑफ (के) इंडिया (भारत) (एमसीआई) की निगरानी हेतु सुप्रीम कोर्ट (सर्वोच्च न्यायालय) का पैनल (व्यक्तियों की विशेष कार्य के लिए बनाई सूची) (Panel of Supreme Court to Monitor Medical Council of India 0 Governance and Governance)

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सुर्ख़ियों में क्यों?

§ स्सांदीय स्थायी समिति की मार्च 2016 की रिपोर्ट से सहमति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट (सर्वोच्च न्यायालय) ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपने विशिष्ट और असाधारण शक्तियों के इस्तेमाल के दव्ारा एक, तीन सदस्यीय समिति गठित की।

§ समिति का गठन भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश आर. एम. लोढ़ा की अध्यक्षता में किया जाएगा। यह समिति कम से कम एक वर्ष तक मेडिकल कांउसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के कामकाज की निगरानी करेगी।

पृष्ठभूमि

§ केंद्र सरकार ने भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1956 का अध्ययन करने के लिए जुलाई 2014 में डॉ रंजीत रॉय चौधरी की अध्यक्षता में विशेषा समिति का गठन किया था।

§ समिति ने पिछले वर्ष सितंबर में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, लेकिन इसके दव्ारा प्रस्तुत सुझावों पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी।

§ इस वष मार्च में, संसद की स्थायी समिति ने भी एमसीआई पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 142

• यह सुप्रीम कोर्ट को अपने समक्ष लंबित मामलों में पूर्ण न्याय प्रदान करने के लिए आवश्यक कोई भी डिक्री या आदेश की शक्ति प्रदान करता है।

• सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद 142 के तहत प्रदत्त शक्तियों का, उपलब्ध कानूनों में उचित न्याय की प्राप्ति हेतु पर्याप्त प्रावधान न होने की स्थिति में प्रयोग कर सकता है।

• यद्यपि अनुच्छेद इस शक्ति के प्रयोग के कारणों और परिस्थितियों संबंधी कोई सीमा निर्धारित नहीं करता।

• इस शक्ति के प्रयोग करने के निर्णय का अधिकार पूर्णरूपेण सुप्रीम कोर्ट के विवेकाधिकार पर छोड़ दिया गया है।

नए पैनल की भूमिका

सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति लोढ़ा समिति के लिए निम्नलिखित कार्य निर्धारित किये-

• इसे एमसीआई अधिनियम के तहत सभी वैधानिक कार्यों की निगरानी करने का अधिकार होगा।

• एमसीआई के सभी नीतिगत फैसलों को, निगरानी समिति के अनुमोदन की आवश्यकता होगी।

• समिति उपयुक्त उपचारात्मक निर्देश जारी करने के लिए स्वंतत्र होगी।

• समिति तब तक कार्य करती रहेगी जब तक कि केंद्र सरकार विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट पर पर्याप्त विचार के बाद किसी अन्य उपयुक्त तंत्र की स्थापना नहीं करती है।