Science and Technology: Nano Technology in Medicine and Nano Bots Biomems

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नैनो प्रौद्योगिकी (Nano Technology)

चिकित्सा के क्षेत्र में नैनो प्रौद्योगिकी (Nano Technology in Medicine)

यदि भावी उपयोगिता की दृष्टि से देखा जाए तो नैनो प्रौद्योगिकी का सबसे व्यापक प्रभाव चिकित्सा के क्षेत्र पर ही पड़ेगा। चिकित्सा क्षेत्र मेंं नैनो प्रौद्योगिकी के कुछ महत्वपूर्ण प्रयोगों को इस प्रकार समझा जा जा सकता है-

रोगों की पहचान करने में नैनो कणों तथा क्वांटम डॉर्ट्‌स का उपयोग

नैनो बॉट्‌स या बायोमेम्स (Nano Bots Biomems)

  • नैनो बॉट्‌स या बायोमेम्स वस्तुत: बायो इलेक्ट्रो मैकेनिकल प्रोब है, जो रोगी की पहचान कर उनके निदान में सक्षम होंगे। ये रक्त प्रवाह के साथ परिवहन करने में भी सक्षम हो सकते हैं। अत: ये बीमारियों के रोगाणुओं की पहचान करके उन्हें पकड़ने तथा औषधियों को लक्ष्य तक पहुँचाने में सक्षम होंगे। यद्यपि नैनो बॉट्‌स के विकास का कार्य अभी शोध स्तर पर जारी है।
  • वैज्ञानिकों दव्ारा बायोमेम्स तकनीक के आधार पर एक छिद्रयुक्त लगभग 7 नैनो मीटर लंबा नैनो बॉट बनाया गया है, जिसमें इंसुलिन का निर्माण करने वाली पैनक्रियाटिक आइसलेट कोशिकाएँ होती हैं। इस तरह यह शरीर में आवश्यकतानुसार इंसुलिन बनाकर रक्त में छोड़ता रहता है। अत: स्पष्ट है कि नैनो बॉट्‌स पार्किन्सन रोग के पीड़ितों के मस्तिष्क में डोपामीन भी पहुँचा सकते है। ऐसे ही वैज्ञानिकों दव्ारा एक ऐसी माइक्रोमशीन तैयार की गई है, जो खुलकर बंद होते समय, उसमें लगाए गए सूक्ष्म दांतों एवं जबड़ों दव्ारा कुछ विशेष कोशिकाओं को पकड़कर उनमें डीएनए, प्रोटीन सहित कुछ अन्य दवाएँ तो डाल सकेगी।
  • ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी दशक में नैनो बॉट्‌स पूरी तरह से विकसित कर लिए जाएंगे। नैनो बॉट्‌स की मदद से पोषक तत्वों का सीधे रक्त धारा में प्रविष्ट कराया जा सकेगा तथा रक्तधारा में विद्यमान संवदेक शरीर में पोषक तत्वों की आवश्यकता से संबंधित सूचनाए देंगे। इसी तरह शोध कार्य चल रहे हैं, जो त्वचा के संपर्क में रहते हुए शरीर को आवश्यक पोषण देता रहेगा।

नैनो मेडिसिन (Nano Medicine)

  • नैनो मेडिसिन को आण्विक दवाएं भी कह सकते हैं। उपचार कार्य में इनका प्रयोग करने के लिए आण्विक मशीनों का इस्तेमाल करना पड़ता है। इस प्रकार आण्विक ज्ञान का उपयोग आण्विक पैमाने पर मानव स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में किया जा सकता है।
  • वर्तमान समय में नैनो मेडिसिन का सबसे महत्वपूर्ण उपयोग कैंसर के इलाज के लिए हो रहा है। अभी तक यह बीमारी लाइलाज ही रही लेकिन हाल के वर्षों में कुछ नवीनतम पद्धतियों पर आधारित उपचार के चलते यदि इसकी पहचान शुरूआत में ही हो जाये तो इलाज संभव है।