धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के प्रवेश का मुद्दा (Allowing Women in Religious Places – Social Issues)

Glide to success with Doorsteptutor material for CTET-Hindi/Paper-1 : get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of CTET-Hindi/Paper-1.

§ हाल ही में भूमाता रंगरागिनी ब्रिगेड नामक महिलाओं के एक समूह ने शनि-शिगनापुर मंदिर की 400 वर्षों पुरानी परंपरा तोड़ने की कोशिश की, जिसके अनुसार महिलाओं को मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है।

सबरीमाला मंदिर प्रवेश मुद्दा

§ सबरीमाला केरल में स्थित एक हिन्दू तीर्थ स्थल है। एक अनुमान के अनुसार विश्व का सबसे बड़ा वार्षिक तीर्थ स्थल है, जहाँ 50 लाख श्रद्धालु प्रति वर्ष आते है। 10 से 50 आयुवर्ग की महिलाओं का मंदिर में प्रवेश वर्जित है, चूंकि वे मासिक-धर्म आयु वर्ग में आती है।

§ उच्चतम न्यायालय ने मंदिर संस्था से पूछा है कि क्या महिलाओं को बाहर रखने का कोई भी संवैधानिक कारण है।

हाजी अली

§ महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश का समर्थन किया, और बंबई उच्च न्यायालय से कहा कि समानता की परंपरा और रीति-रिवाजों पर तरजीह दी जानी चाहिए।

§ न्यायालय ने यह कहा कि जब तक दरगाह संस्था यह साबित करने में सक्षम नहीं होता कि प्रतिबंध कुरान के संदर्भ में उनकी धार्मिक प्रथा का हिस्सा है, तब तक महिलाओं को दरगाह में प्रवेश करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

महत्व: कानून बनाम धर्म

§ यह प्रतिबंध संविधान दव्ारा प्रदत्त समानता के अधिकार का उल्लंघन करता है, चाहे प्रथागत अधिकार धार्मिक परंपराओं और प्रथाओं की अनुमति देते हों।

§ यद्यपि संविधान धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करता हैं अनुच्छेद 25 का खंड 2 (बी) राज्य को धार्मिक परंपरा में हस्तक्षेप करने की अनुमति देता है।

§ विश्वास बनाम तर्कशीलता-ऐसे भगवान की वैधता जो महिलाओं की उपस्थिति मात्र से संकट में पड़ जाते हैं।

§ महिलायें संविधान के प्रगतिशील अधिकारों और प्रतिगामी प्रथाओं के प्रति तेजी से जारूक हो रही हैं। मंदिरों में प्रवेश महिलाओं के प्रति भेदभाव का प्रतीक है।

§ इतिहास साक्षी है कि पूर्व में चलाए गए मंदिर प्रवेश आंदोलन शक्ति पदानुक्रम को चुनौती देने का एक माध्यम थे, जैसे-दलितों के लिए मंदिर में प्रवेश।

§ धर्म के मूल में निदित प्रतिगामी नजरिए को दबाव में नहीं बल्कि, धीरे-धीरे जमीनी स्तर पर काम करके ही बदला जा सकता है।