दहेज हत्यायें (Dowry Deaths – Social Issues)

Doorsteptutor material for CTET-Hindi/Paper-1 is prepared by world's top subject experts: get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of CTET-Hindi/Paper-1.

Download PDF of This Page (Size: 143K)

राष्ट्रीय अपराध ब्यूरों (सूचनाओं और तथ्यों की जानकारी प्रदान करने वाला कार्यालय) (एनसीआरबी) दव्ारा जानी आकड़ों के अनुसार विगत तीन वर्षो में सर्वाधिक दहेज हत्याएँ उत्तर प्रदेश में दर्ज की गई है। इसके बाद बिहार का स्थान आता है।

दहेज निषेध अधिनियम 1961

§ इस अधिनियम के प्रवर्तन एवं कार्यान्वयन के लिए संबंधित राज्य सरकारें उत्तरदायी है।

§ दहेज निषेध अधिनियम, 1961 कानून के प्रभावी एवं परिणामदायक प्रवर्तन को सुनिश्चित करने का प्रयास करता है, इसके लिए अधिनियम में दहेज निषेध अधिकारियों की नियुक्ति का प्रावधान किया गया है।

§ महिला एवं बाल विकास मंत्रालय राज्यों के साथ समय-समय पर इस अधिनियम के प्रभावों प्रवर्तन की समीक्षा करता है।

§ भारतीय दंड संहिता (आई पी सी) की धारा 304-बी दहेज हत्या से संबंधित मामलों से जुड़ी है। इस धारा के तहत दोषित व्यक्ति को 7 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास का दंड दिया जा सकता है।

Developed by: