Regional Development and Planning, Types of Region, Methods of Delimitation of a Region

Get top class preparation for CTET-Hindi/Paper-1 right from your home: get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of CTET-Hindi/Paper-1.

Types of Region

  • Naive (काल्पनिक) :-मानसिक संकल्पना पर आधारित प्रदेश जिनका अस्तित्व भावात्मक होता है तथा सीमा निर्धारित नहीं की जा सकती।
    • जैसे-स्वर्ग, नर्क, पाताललोक
  • Institution Denoted:-जिन प्रदेशों के भौतिक स्वरूप है, वास्तविक है, भूदृश्य में उपस्थित है।
  • Formal region औपचारिक:-औपचारिक प्रदेश का अर्थ है वे Region जिनके संगठन समेकित क्षेत्र का निर्माण करते है जिनकी सीमा संक्रमित होती है, वास्तविक होते हैंै परन्तु विषयपरक होते हैंैै, भावात्मक होते है भूगोल वेताआंे के मानसिक चित्र होते हैंै परन्तु कल्पना नहीं।
    • जैसे-प्राकृतिक प्रदेश, सवाना क्षेत्र, सांस्कृतिक प्रदेश, भाषायी प्रदेश
  • Functional Region:-जहाँ वस्तुपरकता हो रैखिक सीमांकन संभव है, भूदृश्य परिघटनाओं की उपस्थिति एवं प्रकार्यात्मकता अथवा प्रवाह से युक्त होता है।
    • जैसे-औद्योगिक प्रदेश, महानगरीय प्रदेश

Methods of Delimitation of a Region

प्रदेश के सीमांकन की विधियाँ

  • औपचारिक प्रदेशों का सीमांकन:-चूँकि ये भावात्मक होते है एवं सीमायें संक्रमण क्षेत्र होती है अत: इनका निर्धारण एक जटिल समस्या है।
  • एकल चरीय विश्लेषण विधि:-इस विधि में किसी एक प्रतिमान को लिया जाता है तथा उसके विश्लेषण के आधार पर प्रदेश निर्माण करते हैंैै।
  • माना कि एक भूदृश्य जहाँ 2 इकाई क्षेत्र A एवं B है। यदि प्रादेशिक/आर्थिक विषमता के आधार पर प्रदेश निर्माण करना है तब PCI y के दव्ारा प्रदेश को संकल्पित किया जा सकता है। यदि

यहाँ k = वह नियत मान है जो प्रादेशिक विषमता को दर्शाता है। यदि

तब भूदृश्य एक समान है।

बहु चरीय विश्लेषण विधि:-

  • I = बहु चर
  • J = अलग अलग चरो का जो मान fix करेंगे

प्रकार्यात्मक प्रदेशों का सीमांकन:-

मात्रात्मक विधियाँ-

Flow Analysis:-जैसे-औद्योगिक प्रदेश के लिए कच्चे माल, labour अंतिम उत्पादय capital जैसे संगठन जिस दूरी से प्राप्त हो रहा है वह प्रदेश की सीमा बिन्दु मानी जायेगी।

A Close up of a Map Description Automatically Generated