चीन का भूगोल (Geography of China) Part 8 for Uttarakhand PSC

Download PDF of This Page (Size: 172K)

कृषि-

पूर्वी एशिया के देश में चीन सबसे प्रमुख कृषि प्रधान देश है। कृषि न केवल चीन वासियों की आजीविका का साधन है, अपितु यह उनकी जीवन शैली है। आज चीन की 65 प्रतिशत जनसंख्या कृषि कार्य में लगी हुई है, जबकि चीन की केवल 12 प्रतिशत भूमि पर कृषि की जाती है।

  • चावल- चावल चीन की जनसंख्या का मुख्य भोजन है। चीन विश्व मेें सबसे अधिक चावल उत्पन्न करता है। यह विश्व का 30 प्रतिशत तथा एशिया का 35 प्रतिशत चावल उत्पन्न करता है। चावल चीन की कृषि योग्य भूमि के लगभग 28 प्रतिशत भाग पर उत्पन्न किया जाता है। यहाँ प्रति हेक्टेयर (10,000 वर्ग मीटर का क्षेत्रफल) चावल का उत्पादन जापान के बाद विश्व में सबसे अधिक है। प्रमुख चावल उत्पादक क्षेत्र है-

    • जेचवान बेसिन में चेंगटवित रुक्ष्म्ग्।डऋछ।डम्दव्र्‌ुरुक्ष्म्ग्।डऋछ।डम्दव्रुरू का मैदान

    • ह्यांगहो नदी का निचला मैदान

    • यांग्टीसी घाटी और उसका डेल्टाई भाग

    • दक्षिणी समुद्र तटीय मैदान

  • गेहूँ-चावल के बाद गेहूँ प्रमुख खाद्यान्न है। विश्व के गेहूँ उत्पादक देशों में चीन का स्थान प्रथम हो गया है। यहाँ विश्व का 17 प्रतिशत गेहूँ उत्पन्न होता है। चीन में वसन्त कालीन और शीतकालीन गेहूँ की कृषि होती है। बसंतकालीन गेहूँ प्रधानत: उत्तरी चीन, मंचूरिया और आंतरिक मंगोलिया में उगाया जाता है जबकि शीतकालीन गेहूँ मध्यवर्ती एवं दक्षिणी चीन में उगाया जाता है। ह्यांगहो तथा वीहो नदियों की घाटियाँ गेहूँ उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र है। मध्य चीन अथवा यांगटिसीक्यांग घाटी में शरदकालीन गेहूँ की कृषि की जाती हैं।

  • केओलिंग- यह शुष्क जलवायु में पैदा होती है। चीन इसके उत्पादन में प्रथम स्थान पर है। इसे मिलेट के साथ खाते है। शांतुंग, होना, होपे, जेयबान, शांसी आदि इसके मुख्य उत्पादक प्रांत है। पशु आहार के साथ-साथ इससे शराब भी बनाई जाती है।

  • मक्का-चीन विश्व का दूसरा और एशिया का वृहत्तम मक्का उत्पादक देश हैं। चीन में मक्का उत्पादक क्षेत्र युन्नान से मंचूरिया तक विस्तृत है। जेचवान की घाटी एवं उत्तरी चीन की समतल भूमि इसके प्रधान उत्पादक क्षेत्र है। होनान, शांतुंग, कियांगसू एवं युन्नान प्रधान मक्का उत्पादक प्रांत हैं।

  • सोयाबीन-सोयाबीन का प्रयोग चीन में तिलहन तथा खाद्य पदार्थ के रूप में क्रिया जाता है। यह विश्व में सबसे अधिक सोयाबीन उत्पन्न करता हैं। यह उत्तरी चीन तथा मंचूरिया की प्रमुख फसल है।

  • चाय-चीन चाय की जन्म भूमि है। भारत के बाद चीन विश्व का दूसरा बड़ा चाय उत्पादक देश है। चीन के प्रमुख चाय उत्पादक क्षेत्र सेचवान बेसिन, यांगरिसीक्यांग की घाटी, दक्षिणी-पूर्वी पर्वतीय ढाल तथा पूर्वी तटीय प्रदेश हैं।

  • कपास- चीन कपास उत्पादन में विश्व का प्रथम देश हो गया है। यह विश्व का 27 प्रतिशत कपास उत्पादन करता है। कपास उत्पादन के निम्न क्षेत्र हैं-

    • यांग्टीसी नदी का डेल्टा क्षेत्र

    • ह्यांगहो और उसकी सहायक नदियों की घाटियाँ

    • मध्य यांग्टीसीघाटी एवं जेयवान घाटी

    • पश्चिमी चीन एवं सिक्यांग प्रदेश।

  • तंबाकू- वर्तमान में तंबाकू उत्पादन में चीन का प्रथम स्थान है। यहाँ तंबाकू की कृषि का सर्वाधिक विस्तार उत्तरी एवं पूर्वी भागों में है। जेयवान बेसिन, उत्तरी मैदानी भाग एवं दक्षिणी मंचूरिया अग्रणी उत्पादक क्षेत्र हैं।

  • ज्वार-बाजरा- यह शुष्क क्षेत्र की उपज हैं। उत्तरी चीन एवं मंचूरिया के अनुपजाऊ क्षेत्रों में इसकी कृषि की जाती है। भारत संदृश चीन में भी यह निर्धनों का मुख्य भोजन है।

  • गन्ना-गन्ने की कृषि और उत्पादन में चीन विश्व का चौथा बड़ा देश है। चीन से गन्ने की कृषि प्रधानत: यांग्टीसीक्यांग की निचली घाटी और डेल्टाई भागों में की जाती है। क्वांगतुंग गन्ने का प्रमुख उत्पादक प्रांत है।

  • रेशम- उत्पादन में प्रथम स्थान है। रेशम के कीड़े शहतूत के पत्तियों पर पाले जाते हैं। कुछ रेशम ओक की पत्तियों पर पले कीड़े से प्राप्त की जाती हे। रेशम के उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र शाएटुंग प्रायद्धीप सीक्यांग की घाटी, यांगटिसीक्यांग का बेसिन तथा सेयवान बेसिन हैं।

Glide to success with Doorsteptutor material for UGC - Get detailed illustrated notes covering entire syllabus: point-by-point for high retention.

Developed by: