जापान का भूगोल (Geography of Japan) Part 10 for Uttarakhand PSC

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मत्स्य उत्पादन

मछली जापान के निवासियों का मुख्य भोजन है। आज भी जापान की 20 प्रतिशत जनसंख्या का भोजन मछलियों दव्ारा प्राप्त होता है। जापान विश्व की सबसे अधिक मछलियाँ पकड़ता है तथा दूसरी ओर जापान विश्व की सबसे अधिक प्रति व्यक्ति मछलियों की खपत करता है। जापान में प्रति व्यक्ति 100 पौण्ड मछलियों के उत्पादन में से 65 पौण्ड मछलियाँ खपत कर लेता है तथा शेष 35 पौण्ड का निर्यात कर दिया जाता है। जापान में मछली उत्पादन के तीन प्रमुख क्षेत्र हैं-

  • होकैडो क्षेत्र- यहाँ की जलवायु मत्स्य उत्पादन के अनुकूल है। कृषि भूमि की कमी के कारण होकैडो की अधिकांश जनसंख्या मत्स्य उत्पादन में लगी हुई है। यहाँ ठंडी जल राशि में पकड़ी जाने वाली मछलियों के भंडार हैं। इस क्षेत्र में पकड़ी जाने वाली मुख्य मछलियाँ हेरिंग, कॉड, सामन, सी.वीड इत्यादि हैं। यहाँ 40 प्रतिशत मछली है।

  • उत्तरी-पूर्वी होन्शू क्षेत्र- उत्तरी होन्शू का पूर्वी समुद्र तटीय क्षेत्र जापान का प्रमुख मछली उत्पादक क्षेत्र है। यहाँ से जापान के कुल मछली का 25 प्रतिशत भाग प्राप्त होता हे। इस क्षेत्र से पकड़ी जाने वाली मुख्य मछलियाँ कटल, स्क्विड तथा स्कीपर हैं।

  • क्यूशू, शिकोकू तथा दक्षिणी होन्शू क्षेत्र- इस क्षेत्र में आंतरिक मछलियों का अपार भंडार है। यह क्षेत्र समुद्री तुफानों से सुरक्षित है, अत: यहाँ बड़े पैमाने पर मछलियाँ पकड़ी जाती है। यह क्षेत्र जापान के कुल मछली उत्पादन का 30 प्रतिशत भाग उत्पन्न करता है। इस क्षेत्र में पकड़ी जाने वाली मुख्य मछलियाँ सारडाइन, ट्रना, मैकरेल, अलबाकर, यलो टेल इत्यादि हैं।

  • हेल मछली के उत्पादन में भी जापान विश्व में सबसे आगे है। इसका तेल निकालकर जापान उसका निर्यात करता है।

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