जापान का भूगोल (Geography of Japan) Part 2 for Uttarakhand PSC

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फिजिकल ऐसपेक्ट (भौगोलिक स्वरूप)

जापान की अधिकांश भूमि (80 प्रतिशत) पर्वतीय है, जिसमें 580 से भी अधिक शिखर 2000 मी से अधिक उँचे है। फ्यूजीयामा सर्वोच्च शिखर (3776 मी) है, जो एक सुषुप्त ज्वालामुखी यहाँ की मात्र 15 प्रतिशत भूमि कृषि योग्य है। यहाँ समुद्र एवं आंतरिक जलाशयों में सर्वत्र पर्वतीय छाया दृष्टिगोचर होती है। इसलिए जापानी प्राकृतिक भूदृश्य को सानसुई अर्थात पर्वत (सान) और पानी (सुई) का मिश्रित दृश्य कहते है।

उच्चवचीय स्वरूपों में निहित विषमताओं एवं विभिन्नताओं के आधार पर जापान को चार भौतिक प्रदेशों में बाँटते है-

  • होकैडो प्रदेश- होकैडो में किटामी और हिडाका दो पर्वतमालाएँ है, जो उत्तर से दक्षिण फैली हुई हैं। ये पर्वत क्रम नदियों दव्ारा विखंडित हैं, जिसके फलस्वरूप यहाँ पाँच नदी बेसिनों की उत्पत्ति हुई है। डशीकारी मैदान इस प्रदेश का सबसे बड़ा मैदान है। उत्तरी डशीकारी नदी दव्ारा निर्मित कामीकावा बेसिन के पूर्व में चिशिमा पहाड़ी है, जहां पर कई ज्वालामुखी पाए जाते है। चिशिमा, किटामी और हिडाका पर्वतामलाओं के क्रम के मध्य अंतपर्वतीय तीन मैदान पाए जाते है, जिसकी रचना तीव्रगामी नदियों दव्ारा लाए गए अवसादों के निक्षेप से हुई है। टोकाची तथा नेमुरो अन्य प्रमुख मैदान है।

  • उत्तरी पूर्वी प्रदेश- इस भौतिक प्रदेश के अंतर्गत उत्तरी होन्शु का भूखंड आता है। इस प्रखंड के पश्चिम में दो पर्वत क्रम इशिगो-देवा क्रम और टोहोकू क्रम उत्तर दक्षिण दिशा में विस्तृत है। ओऊ और यूएत्सू इशिगों-देवा क्रम की दो व्युत्यित पर्वत श्रेणियाँ है। मोगामी नदी ने यूएत्सू पर्वत क्रम को दव्विभाजित कर दिया है। दक्षिणी भाग को इशिगों क्रम और उत्तरी भाग को देवा क्रम कहते हैंं

  • फोसा-मैग्ना-क्वाएटो प्रदेश- मध्य होन्शु में फोसा मैग्ना-क्वाएटो प्रदेश उत्तरी-पूर्वी एवं दक्षिणी-पश्चिमी भौतिक प्रदेशों के मध्य विस्तृत है। यह जापान का निर्बलतम भूखंड है। जापान में जागृत ज्वालामुखी इसी क्षेत्र में पाए जाते है। इस मध्यवर्ती घाटी के पूर्व की ओर जापान का सर्वोच्च शिखर फ्यूजीयामा (3.778 मी) है। जापानी इसे स्वर्ग मानते हैं। इसके दक्षिण-पूर्व में फिजोक ज्वालामुखी है, जिससे गंधक निकलने के कारण आसपास का वातावरण विषैला हो जाता है। अत: जापानी इसे नर्क मानते है। फिजोक एवं फ्यूजीयामा पर्वतों के मध्य श्रृंखलाबद्ध ज्वालामुखी शंकु पाए जाते है।

    फोसा मैग्ना क्षेत्र से संलग्न भू-भाग में टोहोकू, सेडनान और बेनिन चापाकार क्रमों की पर्वत श्रेणियों के आपस में मिलने से चुबू गाँठ की रचना हुई है। यह जापान का उच्चतम ब्लॉक (खंड) पर्वत है। इसी क्रम में जापानी आल्पस सम्मिलित है। इसके पूर्वी भाग में हिडा श्रेणी स्थित है।

क्वांटो मैदान जापान का सर्वोच्च मैदान है। इस मैदान की रचना जलप्लावन के समय अवसादों के निक्षेपण से हुआ है। टोन तथा अन्य नदियाँ प्रशांत महासागर और टोकियों की खाड़ी में निक्षेपण से मैदान का निर्माण कर रही है।

दक्षिणी- पश्चिमी प्रदेश- इस भौतिक प्रदेश के अंतर्गत मध्यवर्ती फोसा-मैग्ना एवं क्वाएटो मैदान के दक्षिण स्थित दक्षिणी-पश्चिमी होन्गू, शिकोकू और क्यूशू दव्ीप सम्मिलित है। यह संपूर्ण प्रदेश पर्वतीय एवं पहाड़ी है।

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