न्यूजीलैंड का भूगोल (Geography of New Zealand) Part 3 for Uttarakhand PSC

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हिमानी- न्यूजीलैंड में अनेक हिमानी पाए जाते हैं। इन समस्त हिमानियों में दक्षिणी दव्ीप का टस्मान हिमानी सबसे बड़ा है। इस हिमानी का उदवित रुक्ष्म्ग्।डऋछ।डम्दव्र्‌ुरुक्ष्म्ग्।डऋछ।डम्दव्रुरू गम माउंण्ट कुक के निकट होता है। पूर्वी ढाल में पाए जाने वाले अन्य हिमानी मर्चीसन, म्यूलर, गोडले और हूकर हैं। पश्चिमी ढाल की मुख्य हिमानी है- फाक्स हिमानी तथा फ्रेंक जोजेफ हिमानी।

जलवायु- शीत शीतोष्ण कटिबंध में स्थित न्यूजीलैंड में शीत ऋतु बहुत सुहानी और महासागरीय प्रभाव के कारण कम कष्टकर होती है। केवल सुदूर दक्षिण में ही शीत ऋतु कठोर हो जाती है। यह पछुवा वायु का क्षेत्र है अत: दक्षिणी क्षेत्रों में सालोभर वर्षा होती है। न्यूजीलैंड के विषय में कहा जाता है कि 2000 घंटे ऐसे होते है जब आसमान साफ होता है। यहाँ जाड़े का औसत तापमान 100 से. तथा गर्मी का औसत तापमान 250 से. होता है।

वनस्पति- यहाँ घास के मैदान होते हैं। पर्वतीय और पठारी क्षेत्र टैगा वन का क्षेत्र है। यहाँ पतझड़ नहीं होता है। द.प. में सर्वाधिक वर्षा (250 से.मी) होती है। 30 न्यूजीलैंड में वार्षिक वर्षा (50-100 से.मी) है। यहाँ मुख्यत: पाइन, उगलसफर और युकलिप्टस के वन मिलते हैं।

पशुपालन- कहा जाता है कि न्यूजीलैंड कृषीय की अपेक्षा पशुपालनकारी देश है, क्योंकि पशुपालन यहाँ एक व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक उद्योग का रूप धारण कर चुका है। क्षेत्रफल की तुलना में यहाँ अस्ट्रेलिया से दस गुनी अधिक भेड़ें तथा मवेशी है। न्यूजीलैंड के दुग्ध उद्योग में किसी अन्य अर्थवयवस्था की अपेक्षा अधिक लोग कार्य करते हैं। न्यूजीलैंड के उत्तरी दव्ीप के पांच प्रदेशों-प्लेण्टी की खाड़ी का तट, चेप्स नदी की उत्तरी एवं दक्षिणी घाटी, बीकावों बेसिन प्रदेश एवं ऑकलैंड का मैदानी क्षेत्र, में गौ मांस, सुअर एवं भेड़ों के मांस का सबसे अधिक उत्पादन होता है। दक्षिणी दव्ीप का पूर्वी भाग भेड़ एवं मेमनों के मांस के लिए एवं पश्चिमी ढालू प्रदेश व संकरा तटीय भाग सुअर व चौपायों के मांस के लिए प्रसिद्ध है। यहाँं 6 करोड़ भेंड तथा 80 लाख दुधारु जानवर (प्राय) मिलते हैं।

भेड़ पालन- न्यूजीलैंड के दोनों दव्ीपों में भेड़ पालन महत्वपूर्ण है। न्यूजीलैंड की अनुमान 60 प्रतिशत भेड़े उत्तरी दव्ीप में है, जिनमें 3/4 संख्या इस दव्ीप के पूर्वी प्रदेश तथा वानगाउनी व तारानाकी मैदान के किनारों पर पाली जाती है। उत्तरी दव्ीप में रोमनी मार्ग एवं लिसेस्टर भेड़े अधिक पाली जाती है। वानगाउनी क्षेत्र में रोमनी मार्ग नस्ल की भेड़ों की संख्या ज्यादा है। इस नस्ल के भेड़ सबसे अच्छे होते हैं। भेड़ पालन हेतु उत्तरी दव्ीप में जंगलों, साड़ियों इत्यादि को जलाकर के राई ग्रास व कॉकफुट जैसे उच्च किस्म की घासें बोई जाती हैं।

दक्षिणी दव्ीप का भेड़ पालन उत्तरी दव्ीप से भिन्न है। यह ऑस्ट्रेलिया के भेड़ पालन से मिलता जुलता है। यहाँ प्राय: मेरिनो नस्ल के भेड़ पाएँ जाते हैं। भेड़ की संख्या की दृष्टि से न्यूजीलैंड का विश्व में चौथा स्थान है।

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