रूस का भूगोल (Geography of Russia) Part 2 for Uttarakhand PSC

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फिजिकिल ऐसपेक्ट (भौतिक स्वरूप)-

धरातलीय बनावट के आधार रूस को निम्नांकित भागों में बाँट सकते है-

  • रूस का विशाल मैदान -इसका विस्तार पश्चिमी यूरोप से लेकर येनीसी नदी तक है। इसके मध्य में यूराल पर्वत है। यूराल पर्वत को विभाजक मानकर इसे दो भागों में बाँटते है-

  • पूर्वी यूरोपीय संरचनात्मक मैदान- यह क्षैतिज अवस्था में पड़ी, समुद्री परतदार चटवित रुक्ष्म्ग्।डऋछ।डम्दव्र्‌ुरुक्ष्म्ग्।डऋछ।डम्दव्रुरू टानों के उपर उठने से बना है। इसे रूसी प्लैटफार्म (मंच) कहा गया है। रूसी प्लैटफॉर्म की अधिकतम ऊँचाई वल्दार्ड पहाड़ियों (200 मी.) पर मिलती है। इस मैदान में यूराल, वोल्गा, दीना आदि नदियां बहती है। मैदान की ढाल दक्षिण की ओर है।

  • विशाल साइबेरियाई मैदान -इसे साइबेरिया के निचले प्रदेश एवं तूरानी निचले प्रदेश मेें विभक्त किया जाता है। इस प्रदेश के दक्षिणी-पश्चिमी भाग में कजाकास्तान की पहाड़िया है, जो मध्यएशिया से रूस को पृथक करती है। इसमें इर्टिश, ओब, तोबोल नदियां बहती है। इसकी ढाल उत्तर की ओर है।

  • यूराल पर्वत श्रेणियाँ- इसका विस्तार कैस्पियन निम्न प्रदेश से उत्तर में आर्कटिक महासागर तक लगभग 2400 कि.मी. की लंबाई में तथा उत्तरी भाग से 128 कि.मी. से दक्षिणी भाग में 240 कि.मी. की चौड़ाई में विस्तृत है। इस क्षेत्र का सर्वोच्च शिखर समान्तर है, जो 1655 मीटर ऊँचा है। इसका निर्माण हर्सीनियन भूसंचलन के समय हुआ।

  • मध्य साइबेरिया का उच्च क्षेत्र/पठार- इसका विस्तार पश्चिमी साइबेरिया के मैदानी भाग के पूर्व (येनेसी नदी के पूर्व) कटे-फटे पठारी भाग के रूप में है। इसकी ऊंचाई 200 मी. से 2500 मी. तक है। इस पठार के दक्षिण में एक महान भ्रंश घाटी है जिसमेें बैकाल झील तथा आमूर नदी है।

  • सीमावर्ती पर्वत श्रृंखलाएँ- रूस के पूर्वी भाग में अनेक उच्च पर्वत श्रेणियाँ मिलती है जिनमें वेरस्की श्रेणी, अनादिर श्रेणी, कमचटका श्रेणी, कोरयाक श्रेणी, कोलिमा पहाड़ी, बरखोयान्स्क श्रेणी, स्टैनोवाय श्रेणी मुख्य है। सबसे ऊँचा पर्वत शिखर क्लुचेवास्काया (4.855 मी.) हैं, जो एक ज्वालामुखी है तथा, कमचटका पर्वत श्रेणी पर स्थित हैं।

रूस का दक्षिणी भाग अल्टाईपर्वत तथा ट्रांस बैकालिया पर्वत श्रेणी से घिरा हुआ है। अल्टाई पर्वत के पश्चिम में ओवी का शुष्क मैदान स्थित है। ट्रांस बैकालिया पर्वत बैैकाल झील के पास स्थित है, जिससे अंगारा नदी निकलती है।

उत्पत्ति के आधार पर यहां के पर्वत श्रेणियों को तीन भागों में बाँटते हैं।

  • केलेडोनियन पर्वत क्रम- इस काल में अनेक पर्वतों का निर्माण हुआ जैसे-विलुई, पोटोराना की उच्च भूमि, सयान क्रम की बाहरी उच्च भूमि, येनेसी उच्च भूमि, उपरी लीना की उच्च भूमि, तुंगस पर्वत, वयानशान की उत्तरी श्रृंखला, अल्टाई सयान पर्वत तथा ट्रांस- बैकाल की उच्च भूमि।

  • हर्सिनियन क्रम- इस काल की पर्वत श्रेणियों में यूराल पर्वत, बुरेया पर्वत, साखलिन पर्वत श्रेणी, कमचटका प्रायदव्ीप की पर्वत श्रेणी

  • अल्पाइन क्रम- कॉकेशस श्रेणी, बरखोयान्स्क पर्वत श्रेणी, तथा स्टेनोवाय हिल्स इसी क्रम में आते हैं।

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