दक्षिण अफ्रीका का भूगोल (Geography of South Africa) Part 6 for Uttarakhand PSC

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पशुपालन-

दक्षिणी अफ्रीका गणराज्य के अधिकांश भाग अर्द्ध-शुष्क जलवायु में आते हैं जहाँ कि वर्षा 65 से.मी कम होती है एवं तापमान भी ऊँचे रहते हैं। इसी कारण देश के 58 प्रतिशत भाग में प्राकृतिक चारागाह पाए जाते हैं। अत: प्रारंभ से ही यहाँ की जनजातियाँ घुमक्कड़ पशुपालक रही। पश्चिमी द. अफ्रीका में सर्वत्र भेड़ पाली जाती है, जबकि मध्यवर्ती भाग एवं वृष्टिछाया प्रदेश में भेड़ व बकरियाँ प्राकृतिक चारागाहों में एवं कृषि प्रदेशों के साथ मांस हेतु चौपाये पाले जाते हैं। दक्षिण -पूर्वी एवं पूर्वी भागों व बड़े नगरों के निकट डेयरी एवं मांस हेतृु चौपाये पाले जाते हैं। दक्षिण -पूर्वी एवं पूर्वी भागों व बड़े नगरों के निकट डेयरी एवं मांस हेतु पशुपालन एवं अंडे व मुर्गी के मांस हेतु कुक्कुट पालन मुख्य व्यवसाय के रूप में विकसित हो रहा है।

भेड़ पालन-

अफ्रीका महादव्ीप की सबसे अधिक भेड़े दक्षिण अफ्रीका में पाली जाती हैं। यहांँ पर महादव्ीप की 20 प्रतिशत भेड़ मिलती है। उस देश में भेड़ों का सबसे अधिक घनत्व हाइवेल्ड प्रदेश, निकटवर्ती पहाड़ी ढाल एवं पश्चिमी अर्द्धशुष्क प्रदेश में पाया जाता है। यहाँ 4 करोड़ भेड़ है, जिनमें से 3 करोड़ भेड़ मेदिनो नस्ल के है। ऊन उत्पादन मेे इस देश का पाँचवाँ स्थान है।

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