दक्षिण अफ्रीका का भूगोल (Geography of South Africa) Part 8 for Uttarakhand PSC

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विद्युत-

यहाँ जलविद्युत तथा ताप विद्युत का उत्पादन तेजी से बढ़ा है। लिम्पापो, वाल एवं ओरेंज नदी पर बहुमुखी योजना पूरी कर तीन बांधों से 580 मेगावाट जल विद्युत पैदा की जाती हैं। राष्ट्रीयकृत संस्था एसकोन दक्षिण अफ्रीका में अधिकांश क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति के लिए उत्तरदायी है। इस देश में वर्तमान में 21 कोयले पर आधारित 5 जल विद्युत पर तथा 3 गैस पर आधारित शक्ति गृह है। विशाल बाँध ब्लूमहॉफ डेम वाल (बाँध दीवार) नदी पर है। शॅक्स बाँध, वरवोर्ड बाँध-ओरेंज नदी पर है।

उद्योग-

यहाँ तीन प्रमुख औद्योगिक प्रदेश हैं-

  • पूर्वी तटीय प्रदेश या नेटाल राज्य- इस क्षेत्र में डरबन सबसे बड़ा केन्द्र है। यह दक्षिणी गोलादव्र् का दूसरा सबसे बड़ा लौह-इस्पात केन्द्र है। इसके अलावा यहाँ तेल शोधन केन्द्र, इंजीनियरिंग, शक्कर तथा तैयार वस्त्र उद्योग विकसित हुए है।

  • उत्तरी मध्यवर्ती पठारी क्षेत्र- इस क्षेत्र में खनन उद्योग प्रमुख है। जोहान्सबर्ग एक वृहत औद्योगिक केन्द्र है जहाँ परमाणु उर्जा केन्द्र तथा सोना तथा हीरा पॉलिश (चमक) के उद्योग का विकास हुआ है। इसके अतिरिक्त यहाँ रसायन उद्योग, सीमेंट उद्योग तथा वस्त्र उद्योग भी हैं। प्रिटोरिया में लोहा इस्पात, इंजीनियरिंग, रसायन, सीमेंट तथा वस्त्र उद्योग हैं।

  • केप प्रांत- केप प्रांत में केपटाउन सबसे बड़ा औद्योगिक केन्द्र है। यहाँ इंजिनीयरिंग, रसायन, तेल शोधन, वस्त्र उद्योग, मांस उद्योग तथा शराब उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। पोर्ट एलिजाबेथ में इंजिनीयरिंग, पोत निर्माण, रसायन, तेल शोधन उद्योग है। ईस्ट लंदन में इंजिनीयरिंग, पोत निर्माण उद्योग विकसित है।

    पाइन टाउन में इंजीनियरिंग, तेल शोधन तथा वस्त्र उद्योग है।

    सोसालबर्ग में रसायन तथा वस्त्र उद्योग हैं। न्यू केसल में लोहा-इस्पात तथा इंजीनियरिंग उद्योग है।

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