आइसगेट (Ice Gate – Economy)

Get unlimited access to the best preparation resource for GATE : get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of GATE.

Download PDF of This Page (Size: 146K)

सुर्ख़ियों में क्यों?

गैरकानूनी विदेशी मुद्रा प्रेषण और मनी लांड्रिंग (काले धन का वैध) को रोकने के लिए भारत की खुफिया एजेंसियाँ (शाखाओं) और आरबीआई, इंडियन (भारतीय) कस्टम्स (सीमा शुल्क विभाग) इलेक्ट्रानिक (विद्युतीय) कॉमर्स (वाणिज्य) इलेक्ट्रानिक (विद्युतीय) डाटा (आधार सामग्री) इंटरचेंज (परस्पर बदलना) (आईसीईजीएटीई) और बैंकिंग तंत्र का एकीकृत करने के प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं।

आईसीईजीएटीई प्रवेश-बिलों, शिप्रिं बिल, और अन्य आयात-निर्यात दस्तावेजों का कस्टम्स (सीमा शुल्क विभाग) इलेक्ट्रानिक (विद्युतीय) रिपॉजिटरी (भंडार) है।

पृष्ठभूमि

केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सरकारी विभाग) (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय ने बैंको दव्ारा गैरकानूनी विदेशी मुद्रा प्रेषण के संबंध में कई मुकदमें दर्ज किये हैं, जिसमें हाल ही में बैंक (अधिकोष) ऑफ़ (का) बड़ौदा व कुछ अन्य बैंको दव्ारा रु 6000 करोड़ रुपये विदेश भेजने की घटना शामिल है।

एकीकरण का उद्देश्य

आईसीईजीएटीई और बैंकिंग तंत्र का एकीकरएा, पैसे देने से पहले बैंको को आयातकों और निर्यातकों दव्ारा उपलब्ध कराये गए बिलों की सत्यता का परीक्षण करने में मदद करेगा। यह एक सकरात्मक कदम है और आयात/निर्यात लेन-देनों में शामिल जोखिमों को हल करने में मदद करेगा।

Developed by: