राष्ट्रीय ज्ञान संग (National knowledge Commission – Economy)

Get unlimited access to the best preparation resource for competitive exams : get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of your exam.

Download PDF of This Page (Size: 145K)

सुर्ख़ियों में क्यों?

प्रधानमंत्री ने केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (परिषद) (सीबीडीटी) तथा केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) के कर अधिकारियों को राजस्व ज्ञान संगम पर संबोधित किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कर प्रशासकों के लिए एक पांच सूत्रीय चार्टर (अधिकार-पत्र देना), ’रैपिड’ (कम समय में घटित होने वाला) की रूप रेखा प्रस्तुत की-

• आर रेवन्यु यानी राजस्व,

• ए अकांउटिबिलिटी यानी जवाबदेही,

• पी प्रोबिटी यानी सत्यनिष्ठा,

• आई इन्फोरमेशन यानी जानकारी (बिना दखलंदांजी वाले कर आकलन के लिए)

• डी यानी डिजिटाइजेशन (करों को रिकॉर्ड करने के लिए)

सुझाव

• डिजिटलीकरण की जरूरत, स्वैच्छिक कर अनुपालन, करादाताओं के लिए सरलीकरण, कर आधार बढ़ाना, कर अधिकारियों के लिए डिजिटल (अँगुली संबंधी) और भौतिक बुनियादी ढांचे का उन्नयन आदि।

• कर चोरी को ख़त्म करना होगा। लेकिन लोगों से कर एकत्रित करते समय कानून प्रवर्तन एजेंसियां (कार्यस्थानों) बनाम करदाता अनुकूल विभाग की दुविधा को हल किया जाना चाहिए

• वे दोनों अनिवार्य रूप से आपस में एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं, बल्कि एक दूसरे के पूरक हो सकते हैं।

• प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया है कि लोगों में कर अधिकारियों को लेकर डर नहीं बल्कि विश्वास की भावना होनी चाहिए।

• सरलीकरण-कर भुगतान में वृद्धि के लिए उपयोगकर्ता के अनुकूल प्रणाली।

Developed by: