केंद्र-राज्य संबंध अनुदान के लिए नया ढांचा (New Framework For Central Government Subsidy – Law)

Download PDF of This Page (Size: 181K)

2016-17 में प्रस्तुत किये गए बजट में केंद्र सरकार दव्ारा राज्यों को धन हस्तांतरण से संबंधित तीन महत्वपूर्ण प्रावधान किये गए हैं।

केंद्र प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) को तार्किक बनाना

पृष्ठभूमि

• भारत सरकार दव्ारा नीति आयोग के माध्यम से केन्द्र प्रायोजित योजनाओं को तार्किक बनाने एवं उन्हें पुनर्संरचित करने के लिए मुख्यमंत्रियों के एक उपसमूह का गठन किया गया।

• इस उपसमूह के दव्ारा अनुशंसा की गयी है कि केंद्र दव्ारा उन्हीं योजनाओं को प्रायोजित किया जाना चाहिये जिनका संबंध राष्ट्रीय विकास से हो।

• यह भी सिफारिश की गयी है कि योजनाओं को कोर और ऑप्शनल (वैकल्पिक) योजनाओं के रूप में दो भागों में विभाजित किया जाना चाहिए। कोर योनजनाओं के बीच भी सामाजिक सुरक्षा और वंचति वर्गो के समावेशन पर आधारित योजनाओं को ’कोर ऑफ़ (का) द (यह) कोर’ योजनाओं के रूप में परिभाषित किया जाना चाहिए।

• उपसमूह ने यह भी सिफारिश की है कि कोर योजनाओं में निवेश के वर्तमान स्तर को बनाये रखना चाहिए, ताकि योजनाओं के अधिकतम विस्तार में कोई कमी न हो।

बजट 2016-17 में अनुदान के लिए नया ढांचा

• सरकार ने मुख्यमंत्रियों के उपसमूह की सिफारिशों के आधार पर सरकारी अनुदान का पुनर्गठन किया है।

• ’कोर ऑफ़ द कोर’ के रूप में परिभाषित योजनाओं के वित्त पोषण के मौजूदा पैटर्न (आकार) को सरकार के निर्णय के अनुसार बरकरार रखा गया है।

• राष्ट्रीय विकास एजेंडे (कार्यसूची) के हिस्से वाली कोर योजनाओं पर व्यय केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के अनुपात में साझा किया जाएगा, जबकि 8 पूर्वोत्तर राज्यों और 3 हिमायती राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 होगा।

• अगर, उपरोक्त वर्गीकरण की परिभाषा में आने वाली, कुछ योजनाओं में केंद्र का अनुदान 60:40 से कम है, तो ऐसी योजनाओं/उप-योजनाओं का मौजूदा वित्तपोषण पैटर्न जारी रहेगा।

• अन्य ऑप्शनल (वैकल्पिक) योजनाएं राज्यों के लिए वैकल्पिक रहेंगी और इन पर व्यय होने वाली राशि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच 50:50 के अनुपात में विभाजित की जाएगी, जबकि 8 पूर्वोत्तर राज्यों और 3 हिमालीयी राज्यों के लिए यह अनुपात 80:20 होगा। ऐसी कुछ योजनाएं सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम, राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना, श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन (नियोग) आदि है।

• केंद्रीय बजट 2016-17 में केंद्र प्रायोजित योजनाओं की कुल संख्या को सीमित करते हुए 28 कर दिया गया।

छ: ’कोर ऑफ़ द कोर’ योजनायें

18 कोर योजनाओं के कुछ उदाहरण:

राष्ट्रीय महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना

• हरित क्रांति (अ) कृषि उन्न्ति योजना (ब) राष्ट्रीय कृषि विकास योजना

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम

• श्वेत क्रांति-राष्ट्रीय पशुधन विकास योजना (पशुधन मिशन, पशु चिकित्सा सेवायें, डेयरी विकास)

अनुसूचति जातियों के विकास के लिए अम्ब्रेला योजना

• प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना

अनुसूचति जातियों के विकास के लिए अम्ब्रेला योजना (जनजातीय शिक्षा और वन बंधु योजना)

पिछड़े वर्गो एवं अन्य सुभैद्य वर्गो के विकास के लिए अम्ब्रेला योजना

अल्संख्यकों के विकास के लिए अम्ब्रेला योजना (अ) बहुक्षेत्रीय योजना, (ब) मदरसा एवं अल्पसंख्यकों के लिए शैक्षणिक योजना

• स्वच्छ भारत अभियान

• राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान

• एकीकृत बाल विकास योजना

• संसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना

चौदहवें वित्त आयोग दव्ारा करों में हिस्सेदारी के निर्धारिक के बाद करों का हस्तातंरण

• कर विभाज्य पूल में 42 प्रतिशत एक हिस्सेदारी बढ़ने के कारण राज्यों को हस्तांतरित कुल संसाधनों में अधिक वृद्धि हुई है।

• वर्ष 2016-17 में राज्यों को सकल हस्तांतरण 9,18,093 करोड़ रुपए है, जबकि वर्ष 2015-16 यह 8,18,034 करोड़ रुपये था।

बारहवीं पंचवर्षीय योजना के पूरा होने के बाद योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रभावी परिणाम के आधार पर निगरानी की जाएगी तथा बजट में योजना और गैर-योजना व्यय के वर्गीकरण को समाप्त कर दिया जाएगा।

• सभी मंत्रालयों और विभागाेें के योजना और गैर-योजना व्यय से संबंधित योजनाओं का युक्तिसंगत बनाने के लिए अभियान शुरू किया गया।

• मौजूदा कार्यक्रमों और योजनाओं को परिणाम के आधार पर अम्ब्रेला कार्यक्रमों और योजनाओं के रूप में पुनर्गठित किया गया है, ताकि संसाधनों का अपव्यय ना हो।

Doorsteptutor material for competitive exams is prepared by worlds top subject experts- get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of your exam.

Developed by: