भारतीय रिजर्व बैंक ने प्रवासी भारतीयों को चिट फंडों (संचय) में निवेश करने की अनुमति दी। (Reserve Bank of India Allowed Expatriates To Invest In Chit Funds – Economy)

Glide to success with Doorsteptutor material for UGC : Get detailed illustrated notes covering entire syllabus: point-by-point for high retention.

Download PDF of This Page (Size: 153K)

परिचय

• भारतीय रिजर्व बैंक ने निर्णय किया है कि प्रवासी भारतीय (एनआरआई) गैर-प्रत्यावर्तनीय आधार पर भारत में रजिस्ट्रार (पंजीयक) ऑफ़ (का) चिट्‌स दव्ारा अनुमोदित चिट फंडो में असीमित निवेश कर सकते हैं। इसका तात्पर्य यह है कि एन.आर.आई. केवल रुपए में इस प्रकार की निवेश आय वापस प्राप्त कर सकते हैं।

• पूर्व में चिट फंड के व्यवसाय में लगी कंपनियों (संभा) में अनिवासी भारतीयों को निवेश करने की अनुमति नहीं थी।

• अनिवासी भारतीयों के चिट फंड में निवेश करने की अनुमति देना एक सकारात्मक कदम है क्योंकि अधिक निवेश को आकर्षित करने के लिए चिट फंड प्रबंधकों चिट फंड के प्रबंधन में एक पारदर्शी और ईमानदार प्रक्रिया अपनाना होगा।

• चिट फंड व्यवसाय चिट फंड अधिनियम, 1982 के केंद्रित अधिनियम के अंतर्गत विनियमित होता है।

• इस प्रयोजन के लिए विभिन्न राज्य सरकारों ने इस अधिनियम के अंतर्गत नियम बनाए हैं। केंद्र सरकार ने इनके संचालन के लिए कोई नियम नहीं बनाया है। इस प्रकार, चिट फंडों का पंजीकरण और विनियमन केंद्र सरकार दव्ारा नहीं किया जाता है।

• प्रकार्यात्मक रूप से, चिट फंड को sub-head सब हेड (उप सिर) miscellaneous मिसलेनियस (कई तरह का) non-banking नॉन-बैंकिंग (गैर-महाजन) company कंपनी ()संघ (MNBC) के तहत भारतीय रिजर्व बैंक दव्ारा गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की परिभाषा में शामिल किया गया हैं।

• धोखाधड़ी वाली योजनाओं के माध्यम से चिट फंड कंपनी दव्ारा की गयी धोखाधड़ी, प्राइज (नाम) चिट्‌स एंड (और) मनी (रुपये) सर्कुलेशन (प्रसार) स्कीम्स (योजनाएं) (प्रतिबंध) अधिनियम, 1978 के अंतर्गत अपराध माना जाता है। जांच करने और अभियोजन चलाने का अधिकार राज्य सरकारों में निहित है।

चिट फंड

§ चिट फंड चिट्‌टी, कुरी आदि विभिन्न नामों से जाने जाते है।

§ ये अनिवार्यत: बचत संस्थाएं हैं।

§ चिट फंडों के नियमित सदस्य होते हैं जो समय-समय पर फंड (धन) में अंशदान करते हैं।

Developed by: