2015 का रसायन शास्त्र में नोबेल पुरस्कार (The 2015 Nobel Prize In Chemistry – Science And Technology)

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• रसायन शास्त्र में वर्ष 2015 का नोबेल पुरस्कार टॉमस लिनहाह्ल, पॉल मोडरिच और अजीज संकार को दिया गया है। उन्होंने बताया कि कैसे कोशिकायें क्षतिग्रस्त डीएनए को ठीक करती हैं और आनुवंशिक जानकारी को सुरक्षित रखती हैं।

• उन्होंने जांच में पाया कि आणविक प्रणालियों का एक समूह लगातार डीएनए पर नजर रखता है और उसे ठीक करता है।

अजीज संस्कार ने उस तंत्र का पता लगाया है जिसके उपयोग से कोशिकाएं डीएनए में पराबैंगनी विकिरण से होने वाली क्षति को ठीक करती हैं। इस तंत्र में दोष के साथ पैदा हुए लोग अगर सूर्य की रोशनी के संपर्क में आते हैं तो उन्हें त्वचा का कैंसर हो जाता है।

पॉल मोडरिच ने बताया कि कोशिका विभाजन के दौरान डीएनए में होने वाली खामियों को कोशिकाएं किस प्रकार ठीक करती हैं। इस प्रक्रिया में जन्मजात दोष पेट के कैंसर का एक वंशानुगत कारण बनता है।

महत्व

• उनके कार्य से ज्ञात हुआ कि एक जीवित कोशिका किस प्रकार काम करती है इस अध्ययन निष्कर्षों को कैंसर के नए उपचार के विकास के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

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