सौर अध्ययन के लिए आदित्य-एल 1 उपग्रह (Aditya-L1 Satellite For Solar Studies – Science And Technology)

Download PDF of This Page (Size: 180K)

• इसरो सौर अध्ययन के लिए आदित्य-एल1 उपग्रह लांच करने की तैयारी कर रहा है जो आदित्य1 मिशन का उन्नत रूप है, आदित्य 1 को सौर कोरोना का अध्ययन करने के लिए 800 किलोमीटर की पृथ्वी की निचली कक्षा में प्रक्षेपित करने की कल्पना की गई थी।

• सूर्य-पृथ्वी तंत्र के लागरेंजियन बिंदु एल1 के आस-पास स्थित हेलो कक्षा में उपग्रह को स्थापित करने का सबसे बड़ा लाभ बिना किसी भी ग्रहण के सूर्य का लगातार निरीक्षण कर पाना है।

• इसलिए, आदित्य-1 मिशन को ”आदित्य-एल 1 मिशन” संशोधित किया गया है और इसे पृथ्वी से 15 लाख किलोमीटर दूर एल1 के समीप हेलो कक्षा में प्रक्षेपित किया जाएगा।

• सौर कोरोना (प्रभामंडल) का अध्यन, सौर कोरोना (प्रभामंडल) को तप्त करने वाली भौतिक प्रक्रियाओं की बुनियादी समझ प्राप्त करना, तीव्र सौर तरंगे और कोरोना (प्रभामंडल) पूंज उत्क्षेपण (कोरोनल मॉस इजेक्शन) की उत्पत्ति का अध्ययन इसके प्रमुख वैज्ञानिक उद्देश्यों में शामिल हैं।

• इस प्रकार परिष्कृत आदित्य-एल1 परियोजना सूर्य की सक्रिय प्रक्रियाओं की एक व्यापक समझ को विकसित करने में सक्षम होगा और सौर भौतिकी के क्षेत्र में कुछ उत्कृष्ट समस्याओं को व्याख्यायित करेगा।

Get top class preperation for IAS right from your home- Get detailed illustrated notes covering entire syllabus: point-by-point for high retention.

Developed by: