इबोला महामारी का अंत (The end of the Ebola epidemic –Social Issues)

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पृष्ठभूमि

• इबोला वायरस बीमारी (EVD) ई.वी.डी. मनुष्यों में होने वाली एक गंभीर और घातक बीमारी है। इसे इबोला रक्तस्रावी बुखार के रूप में भी जाना जाता है।

• इबोला का विषाणु मानव में जंगली जानवरों के माध्यम से संचारित हुआ और मानव-से-मानव संचरण के माध्यम से मानव आबादी में फैला।

• सिएरा लियोन, गिनी और लाइबेरिया इबोला से सबसे अधिक प्रभावित देश थे।

• गिनी, सिएरा लियोन और लाइबेरिया में स्वास्थ्य प्रणालियों बहुत कमजोर थीें और मानव तथा ढांचागत संसाधनों का अभाव था।

अफ्रीका में इस बीमारी की वर्तमान स्थिति क्या हैं?

• विश्व स्वास्थ्य संगठन दव्ारा मई 2015 में लाइबेरिया को इस रोग से मुक्त देश घोषित किया गया था उसके बाद दो बार पुन: इस बीमारी के नए मामले सामने आये। जनवरी 2016 में लाइबेरिया को फिर से रोग मुक्त घोषित किया गया।

• नवंबर 2015 में सिएरा लियोन और गिनी को भी विश्व स्वास्थ्य संगठन दव्ारा इबोला वायरस से मुक्त घोषित किया गया था।

विश्व स्वास्थ्य संगठन कैसे किसी देश विषाणु से मुक्त घोषित करता है?

• आखिरी मामले में रक्त नमूने की जांच दो बार नकरात्मक आने के बाद, देश को 42 दिनों की रोगो ह्वन (INCUBATION) अवधि से गुजरना पड़ता है। उसके बाद उस देश को रोग मुक्त घोषित किया जाता है।

• उसके बाद देश को 90 दिनों की उच्च निगरानी पर रखा जाता है।

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